लंबे अरसे से अपनी ही सरकार (भाजपा) के खिलाफ हमलावर सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को अति दलित-अति पिछड़ा रैली में भारी भीड़ जुटाकर यह साबित कर दिया कि अभी भी पूर्वांचल में उनका जनाधार कम नहीं है। वे अगर अकेले लड़े तो 2018 के लोकसभा चुनाव में बड़े दलों का चुनावी समीकरण बिगाड़ सकते हैं। बहरहाल, राजभर को साथ रखना भाजपा की सियासी मजबूरी है वहीं, सुभासपा अध्यक्ष की ओर से भी ऐसे संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं जिनसे यह माना जाए कि वे एनडीए से अगल हो रहे हैं। देखें आगे की स्लाइड्स में...