फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेहद शातिर तरीके से की गई ‘ताइक्वांडो’ की हत्या, किसी को सुनाई ही नहीं दी गोलियों की आवाज

Mon, 25 Feb 2019 03:55 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 7
यूपी कॉलेज - फोटो : SELF
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के जाने माने एक कॉलेज के छात्र को रविवार रात गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया गया। इस पूरे हत्याकांड को काफी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था। पुलिस का मानना है कि हत्या किसी परिचित ने ही की है। देखें आगे रकी स्लाइड्स में...
विज्ञापन

2 of 7
up college - फोटो : amar ujala
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र विवेक सिंह को जिस समय गोली मारी गई, आसपास के इलाकों में बरातें आईं थी। बैंड-बाजे बज रहें थे और आतिशबाजियां हो रहीं थी। जिस वजह से हॉस्टल के छात्रों को फायरिंग की आवाज नहीं सुनाई दी। जमीन पर निढाल पड़े छात्र को जब किसी ने देखा, तब ही छात्रों को जानकारी हो पाई। 
विज्ञापन

3 of 7
up college - फोटो : amar ujala
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया छात्र गुटों की आपसी रंजिश ही वारदात की वजह लग रही है। आजमगढ़ में विवेक के परिजन सूचना पाकर वाराणसी आए हैं। उनसे बातचीत कर के ही वारदात की तह तक जाना संभव होगा। मामले में जेल से जमानत पर छूटा कॉलेज का एक छात्रनेता पुलिस के रडार पर है। 

4 of 7
up college - फोटो : amar ujala
वहीं, अस्पताल पहुंचे छात्रों में चर्चा थी कि दो साल पहले फ्रेशर पार्टी के दौरान छात्रसंघ के एक पदाधिकारी से विवेक की कहासुनी हुई थी। उस समय विवेक के एक दोस्त को छात्रनेता ने गोली मार दी थी। जेल से जमानत पर आने के बाद उसी छात्रनेता के इशारे पर विवेक की हत्या की गई है। बता दें कि विवेक यूपी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष का अगला चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। उसने बैनर-पोस्टर के साथ ही सोशल मीडिया पर जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी थी। विवेक की चुनावी तैयारी कुछ मठाधीशों को रास नहीं आ रही थी। साथियों के बीच विवेक ‘ताइक्वांडो’ नाम से प्रसिद्ध था।
विज्ञापन

5 of 7
up college - फोटो : amar ujala
विवेक की हत्या के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस को आशंका है कि आखिरी बार विवेक के मोबाइल पर कॉल करने वालों ने ही उसकी हत्या की है। वहीं सीसी फुटेज के आधार पर भी छानबीन की जा रही है। सर्विलांस के आधार पर भी तफ्तीश हो रही है। 
विज्ञापन

6 of 7
up college - फोटो : amar ujala
विवेक की हत्या की जानकारी होते ही दीनदयाल अस्पताल में कॉलेज के छात्रों का जमावड़ा शुरू हो गया था। आक्रोशित छात्रों से पुलिस की कई बार नोकझोंक हुई। मामले की गंभीरता देख डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी मौके पर पहुंच गए। इस बीच एक-एक कर शहर के 13 थानों की फोर्स भी अस्पताल पहुंच गई। डीएम और एसएसपी ने कॉलेज के छात्रों को समझाबुझाकर शांत कराया। आश्वस्त किया कि वारदात को अंजाम देने वाले जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
up college - फोटो : amar ujala
यूपी कॉलेज हमेशा से सुर्खियों में रहा है। इससे पहले परिसर में मई, 2018 में सिक्योरिटी गार्ड को अराजक तत्वों ने गोली मार दी थी। दिसंबर, 2018 में छत्रसंघ चुनाव के दौरान मतपत्र फाड़ कर अराजकता फैलाने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा भोजूबीर में दुकानदारों से मारपीट या छात्र गुटों के बीच सरेराह मारपीट और पथराव की बात आए दिन सुनने और देखने को मिलती हैं। बीते साल जिले की क्राइम ब्रांच ने यूपी कॉलेज के छात्रों को अंतरप्रांतीय बाइक तस्कर गिरोह के सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें