या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता... के मंत्र पंडालों में गूंजे तो भक्तों ने भी श्रद्धा से मां चरणों में शीश नवाया। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर काशी में उल्लास के रंग बिखरे। शाम से पंडाल और गलियां रंग-बिरंगी रौशनी से दमक उठीं। शंख ध्वनि, ढाक की थाप और घंटा-घड़ियाल से माता की आराधना के स्वर गूंजते रहे। बुधवार को शाम ढलते ही शहर के पंडालों में लोगों की चहल-पहल बढ़ी तो रौनक नजर आने लगी। कोरोना संक्रमण काल के कारण पंडालों में भव्यता तो नहीं है, लेकिन आस्था का रेला देर रात तक उमड़ता रहा। देखें अगली स्लाइड्स...