संत रविदास की जयंती पर गुरु के जन्मस्थान पर हाजिरी लगाने के लिए देश के कोने-कोने से रविदासियों का सैलाब काशी में उमड़ पड़ा है। सीर गोवर्द्धन मेला क्षेत्र में पंजाब सा नजारा है। मेला में इस बार आकर्षण का केंद्र बना रोटी बनाने वाली मशीन। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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रोटी बनाने वाली मशीन
- फोटो : अमर उजाला
देश-विदेश से आए रविदासियों के लिए सीर गोवर्द्धन में कई स्थानों पर लंगर चल रहे हैं। गुरुवार को यहां वियना (ऑस्ट्रिया) से आई रोटी बनाने वाली ऑटोमैटिक मशीन लगाई गई। यह एक घंटे में ढाई हजार रोटी बनाने में सक्षम है।
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रोटी बनाने वाली मशीन
- फोटो : अमर उजाला
इसमें आटा की लोई डालने के बाद बेलने और सेंकने का काम यह खुद करती है। प्रति घंटे ढाई हजार रोटी बनाने वाली मशीन के अलावा आटा गूंथने और सब्जी काटने वाली मशीन भी मंगाई गई है। मेला क्षेत्र में 08 फरवरी से ही लंगर चल रहा है।
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मेला क्षेत्र में लंगर की व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
रविदास जयंती पर आने वाले लाखों भक्तों के लिए यहां 10 एकड़ में 70 से ज्यादा बड़े वॉटर प्रूफ पंडाल बनाए गए हैं। साथ ही रसोई, लंगर हॉल और अनाज के स्टोर भी बनाया गया है। पंडाल बनाने के लिए कोलकता से कारीगर आए थे।
पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड के अलावा कर्नाटक, सीमांत प्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, जम्मू के अलावा अमेरिका, इग्लैंड, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, कनाडा, स्विटजरलैंड समेत 20 से अधिक देशों से एनआरआई श्रद्धालु भी डेरा है। एनआरआई श्रद्धालुओं ने शिविरों में सेवा का जिम्मा संभाल लिया है।