बनारस रेल इंजन कारखाना
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कैंट स्टेशन के निदेशक गौरव दीक्षित के मुताबिक, स्टेशन पर एक टावर लगाया जाएगा, जिसे सिग्नल से लिंक किया जाएगा। इससे कवच डिवाइस जुड़ी रहेगी। डिवाइस को पहले ही माइक्रो प्रोसेसर, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) और रेडियो संचार के माध्यम से जोड़ा गया है। लिहाजा, सिग्नल की सही व सटीक जानकारी मिलती रहेगी। सब कुछ आधुनिक हो जाएगा।