सीआरपीएफ के जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही समूचा गांव रो पड़ा, वहीं शहीद का दर्जा नहीं देने व शव भेजने में देरी करने के आरोप में परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। पांच घंटे की जिच के बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराने की सहमति पर बात बनी। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
यूपी के चंदौली के जमुनीपुर गांव निवासी सीआरपीएफ के जवान राजीव सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार की शाम चार बजे गांव लाया गया। इससे पहले बाबातपुर एयरपोटऱ् पर दोपहर बाद पहुंचा जहां सीआरपीएफ 95 वी बटालियन के जवानों ने श्रद्धांजलि दी तथा पार्थिव शरीर जवान के पैतृक गांव जमुनीपुर जनपद चंदौली के लिए रवाना हो गया।
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जमुनीपुर गांव निवासी रामअवध सिंह के छोटा पुत्र राजीव सिंह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर थाना कबीरनगर में चुनावी ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। शव आने के बाद परिवार वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पार्थिव शरीर लेने से इनकार कर दिया। परिवार वाले दुबारा पोस्टमार्टम कराकर जांच कराने और शहीद का दर्जा देने की मांग पर अड़ गए।
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एसडीएम आशीष कुमार, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल, सीआरपीएफ 148वीं बटालियन साहुपुरी के कमांडेंट द्वितीय सुरेंद्र राम ने परिवार वालों को समझाया। सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, सकलडीहा विधायक प्रभुनरायन यादव भी पहुंचे। पांच घंटे बाद रात नौ बजे सीआरपीएफ के कमांडेंट ने दुबारा पोस्टमार्टम की मांग लिखित में देने के लिए कहा। पिता रामअवध और बड़े भाई संजय ने लिखित में दे दिया। इसके बाद परिवार वाले पार्थिव शरीर लेने के लिए राजी हुए।
सीआरपीएफ जवान राजीव की पत्नी रिंकी सिंह ने लिखित रूप से पति की हत्या का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री और जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। सरकार को ऑनलाइन पत्र भी भेजा।