ढाक की मधुर लय से ताल मिलाते कदम, हाथों और सिर पर धुनुची। हरसुंदरी धर्मशाला में मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने नृत्य करतीं महिला श्रद्धालु ढाक की थाप जैसे-जैसे बढ़ती गईं, पैरों की थिरकन भी तेज होती गई। शारदीय नवरात्र की नवमी पर शहर के बंगीय पंडालों के साथ ही अधिकांश जगहों पर धुनुची नृत्य हुआ।
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Durga Puja 2024
- फोटो : अमर उजाला
पंडाल के बीच में मां दुर्गा के सामने धुनुची नृत्य में संतुलन देख हर कोई रोमांचित हो उठा। उधर, नवरात्र की अंतिम रात्रि होने के कारण हर कोई मां दुर्गा की मनमोहिनी सूरत को मन में बसाने के लिए घर से निकल पड़ा। गलियों के शहर बनारस की हर गली मानों पंडालों से जुड़ गई।
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डांडिया और गरबा में खूब की मस्ती
साथी इवेंट सेलेस्टीअल इवेंट की ओर से मंडुवाडीह स्थित एक होटल में डांडिया व गरवा नाइट का आयोजन किया गया। गुजराती गीतों पर महिलाएं व पुरुष जमकर थिरके। बॉलीवुड गीतों पर भी युवाओं की टोली खूब थिरकी। इस दौरान गरबा क्वीन का चयन हुआ। साथ ही लकी ड्रॉ निकाला गया। अमन प्रीत, मयुरी और रोशनी विजेता बनीं।
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हवन-पूजन के साथ मां को दी गई विदाई
शारदीय नवरात्र की नवमी पर हवन-पूजन के साथ मां दुर्गा को विदाई दी गई। प्रतिमाओं का विसर्जन विजयदशमी पर शनिवार को होगा। शहर के कुंड और तालाबों पर प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शनिवार को दोपहर बाद एक तरफ रावण दहन की तैयारियां होंगी तो दूसरी ओर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। शुक्रवार को सुबह से ही घरों से लेकर मंदिरों तक कन्या पूजन और हवन की तैयारियां शुरू हो गई। दोपहर बाद हवन आरंभ हो गया।
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सप्तशती और नर्वाण मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गई। हवन के धुएं से पूरा माहौल सुवासित हो उठा। हवन के बाद कलश को हिलाकर मां दुर्गा को महानवमी में ही विदाई भी दी गई। दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर, संकटा मंदिर, महिषासुर मर्दिनी, दणिणेश्वरी काली सहित शहर के सभी देवी मंदिरों में नवमी का हवन हुआ। ग्रामीण इलाकों और मोहल्ले के देवी मंदिरों में महिलाओं ने कढ़ाई चढ़ाई।
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मां सिद्धिदात्री से मांगी अष्ट सिद्धि
शारदीय नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि पर श्रद्धालुओं ने माता सिद्धिदात्री के दर्शन किए। भक्तों ने माता से अष्ट सिद्धि, नौ निधि और ज्ञान की कामना की। इसके साथ ही शक्ति की आराधना के नौ दिवसीय अनुष्ठान की भी पूर्णाहुति हो गई। शुक्रवार को भोर में तीन बजे मंगला आरती से पहले गोलघर स्थित मां सिद्धिदात्री के विग्रह का पंचामृत स्नान हुआ। आभूषण और पुष्पों से सजावट के बाद माता की आरती उतारी गई।
नौ देवी स्वरूप में पूजी गई 101 कन्याएं
शारदीय नवरात्र की नवमी पर घरों से लेकर मंदिरों तक कन्याएं पूजी गई। नौ दुर्गा के स्वरूप में छोटी-छोटी कन्याओं का पूजन करके श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया। शुक्रवार को श्रीश्री गीता सोसाइटी के रमना स्थित आश्रम में महानवमी के तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन 101 कुंवारी कन्या पूजन के साथ हुआ। आश्रम के अध्यक्ष त्रिगुणानंद पुरी महाराज ने सभी कन्याओं का तिलक कर चुनरी ओढ़ाई और उपहार भेंट किए। मां वृंदाप्राणा ने आश्रम में रखे सभी विग्रहों की आरती उतारी। वहीं, दूसरी ओर बाबा कीनाराम स्थल क्री कुंड में नौ कन्याओं और भैरव की पूजा हुई। पीठाधीश्वर अघोराचार्य महाराज बाबा सिद्धार्थ गौतम राम की देखरेख व मार्गदर्शन में सभी नौ कन्याओं का श्रृंगार कर देवी रूप में और बालक को भैरव बाबा के रूप में प्रतिष्ठित किया गया। वावा सिद्धार्थ गौतम ने देवी स्वरूप में बाल कन्याओं और भैरव रूप में बालक के पांव पखारे।