फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी का अद्वितीय साज-श्रृंगार शुरू, मोक्षदायिनी के गले में सजीं आकाशदीपों की लड़ियां, देखें तस्वीरें

Fri, 26 Oct 2018 08:27 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 7
akashdeep - फोटो : अमर उजाला

पवित्र माधव मास को लेकर काशी का अद्वितीय साज-श्रृंगार शुरू हो गया है। बुधवार शाम गंगातट से आकाशदीप जब कतार में गगन की ओर चले तो दिव्य नजारे ने सबको श्रद्धा से अभिभूत कर दिया।  घाटों पर बांस के पोरों के सहारे डेलिया में आकाशदीपों की लड़ियां सजने के बाद मोक्षदायिनी का किनारा किसी उत्सव की मानिंद गुलजार हो गया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें....
 
विज्ञापन

2 of 7
varanasi - फोटो : अमर उजाला

 शरद पूर्णिमा पर दिवंगत आत्माओं की याद में धर्म की नगरी काशी में आकाशदीप जलाने की परंपरा है। शहीदों की याद में पीएसी के जवानों के बैंड ने देशभक्ति की धुन से उन्हें श्रद्धांजलि दी। काशी की परंपरा के अनुसार बुधवार रात को गंगा घाटों, सरोवरों, कूपों बावडि़यों और घर की छतों से आकाश दीप जलाकर छोड़े गए। वहीं काशी के दशाश्वमेध घाट पर अश्विन पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक पुलिस और पीएसी के शहीद वीर जवानों की याद में गंगोत्री सेवा समिति द्वारा आकाशदीप जलाए गए। 
 
विज्ञापन

3 of 7
varanasi - फोटो : अमर उजाला

यही नहीं शहीदों की याद में पीएसी के जवानों के बैंड ने देशभक्ति की धुन से उन्हें श्रद्धांजलि दी। आयोजन की शुरुआत पांच वैदिक ब्राह्मणों द्वारा माँ गंगा के पूजन से की गई। इसके बाद गंगा की पवित्र मध्य धारा में 101 दीप प्रवाहित करने के बाद वेद पाठ के बीच दिव्य ज्योति की टोकरी को अनंत आकाश की ओर ले जाया गया।  इस कार्यक्रम का शुभारंभ माउंट एवरेस्ट विजेता बचेन्द्री पाल ने किया। मुख्य अतिथि बचेंद्री पाल ने कहा कि शहीदों के सम्मान में यह बहुत ही अलौकिक आयोजन है। 
 

4 of 7
akashdeep - फोटो : अमर उजाला

देवताओं की राह में उजाला करने के लिए मास पर्यंत आकाशदीप जलाए जाएंगे। तीर्थ नगरी काशी के गले में आकाशदीपों का चंद्रहार बुधवार की शाम से दमकने लगा। पंचगंगा घाट पर श्रीमठ से लेकर रामघाट के बीच समूहों में आकाशदीप जलाए गए। पड़ोसी देश नेपाल से पहुंचे लोगों ने पूर्वजों की स्मृति में आकाशदीप जलाए। मान्यता है कि माधव मास में देवी-देवता देवलोक से धरती पर आते हैं। 

 
विज्ञापन

5 of 7
akashdeep - फोटो : अमर उजाला

शाम को भी रोजाना घी के दीये बांस की डेलियों में जलाकर बांसों पर टांगे जाएंगे। मंगलागौरी की निवासिनी सीता घिमिरे ने बताया कि महीने भर भगवान गोपाल की प्रतिमाएं बनाकर महिलाएं घाटों पर नृत्य-संगीत करेंगी। इसी के साथ आकाशदीप जलाकर खुशहाली के लिए देवी-देवताओं की प्रार्थना की जाएगी।
 
विज्ञापन

6 of 7
akashdeep - फोटो : अमर उजाला

काशी के नभमंडल में गुरुवार की शाम बांस की टोकरियों में आकाशदीप जगमगाने लगे। एक ओर शरद पूर्णिमा की चांदनी चटख हुई और दूसरी ओर शीतला घाट पर शहीदों की याद में बांस के पोरों पर आकाशदीप जलने शुरू हुए। बांस की डेलियों में टिमटिमाते दीप चंद्रहार की मानिंद झिलमिला उठे। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
akashdeep - फोटो : अमर उजाला


मंगलागौरी, दूध विनायक, सूतटोला के अलावा रामघाट, सिंधिया घाट, मान मंदिर घाट, गंगा महल घाट पर आकाशदीपों की लड़ियां सजाई गईं। पं. रमेश कुमार भट्ट ने बताया कि सूर्योदय होने से पहले भोर में ही स्नान के बाद आकाशदीप जला दिए जाएंगे। 


  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें