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IIT BHU News: कैमरे में कैद हुआ बीएचयू बवाल, घटनास्थल की फोटो भी सामने आई; कैंपस के अंदर आधी रात को क्या हुआ?

Fri, 03 Nov 2023 04:43 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

जिस छात्रा के घटना हुई वह इसी हॉस्टल में रहती है। जाहिर है यहां सुबह से हॉस्टल में अजीब सी गहमागहमी थी। रोजाना की तरह यहां दोस्तों और रूममेट्स के बीच मस्ती-मजाक नहीं, घटना पर अफसोस था।
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तस्वीरों में बीएचयू बवाल - फोटो : रोहित सोनकर, अमर उजाला
Varanasi News: न किसी को क्लास करने की जल्दी थी ना लाइब्रेरी जाने की...। हॉस्टल कैंपस में सन्नाटा था। मेस में भी इक्का दुक्का ही स्टूडेंट्स पहुंचे। हर डिपार्टमेंट की क्लास खाली थी। न स्टूडेंट्स क्लास करने आए, न ही प्रोफेसर उन्हें पढ़ाने। रोजाना जिन लैब में घंटों स्टूडेंट्स शोध कार्य में लगे रहे थे, वहां भी खामोशी पसरी थी। कुछ अलग था तो हॉस्टल गेट पर गार्ड मुस्तैदी से खड़े थे। वार्डन भी अपनी ड्यूटी पर जमी हुई थीं। बुधवार रात आईआईटी बीएचयू कैंपस में हुई घटना के बाद से सभी गर्ल्स हॉस्टल में शुरू हुई गहमागहमी ने सुबह तक आक्रोश का रूप ले लिया था। सुबह दस बजे तक आईआईटी बीएचयू के हजारों छात्र-छात्राएं सड़क पर थे...।

गांधी स्मृति छात्रावास

जिस छात्रा के घटना हुई वह इसी हॉस्टल में रहती है। जाहिर है यहां सुबह से हॉस्टल में अजीब सी गहमागहमी थी। रोजाना की तरह यहां दोस्तों और रूममेट्स के बीच मस्ती-मजाक नहीं, घटना पर अफसोस था। छात्राओं में गुस्सा और नाराजगी थी। सुबह से ही यहां हॉस्टल के अंदर और बाहर मुस्तैदी बढ़ा दी गई थी। हालांकि, छात्राओं के आने जाने में किसी तरह की कोई रोकटोक नहीं थी। यहां रह रहीं छात्रा स्वाति ने बताया कि वार्डन आज कई बार राउंड पर आईं। कई प्रोफेसर खास तौर पर महिला प्रोफेसर भी हॉस्टल में छात्राओं से बातचीत करने पहुंचीं थीं।

न्यू गर्ल्स हॉस्टल

यहां भी सुबह से हॉस्टल में सन्नाटा था। रूममेट के बीच रात की घटना की चर्चा होती रही। क्लास, खाना-पीना छोड़कर सभी लड़कियां अपनी सुरक्षा के लिए सुबह ही हॉस्टल छोड़ कैंपस के प्रोटेस्ट में शामिल थीं। इस हॉस्टल में रह रहीं फोर्थ ईयर की छात्रा दिव्यांशी ने बताया कि वार्डन ने कई बार हॉस्टल का दौरा किया। हॉस्टल गेट पर सुरक्षाकर्मियों के लिए महिला गार्ड भी तैनात थीं। हालांकि, धरने में शामिल होने की वजह से सुबह से रात तक सभी हॉस्टल तकरीबन खाली ही थे। कैंपस में लड़कियों की सुरक्षा एक बड़ा मसला है। ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। इसलिए इसके खिलाफ एक होकर हमने आवाज उठाई।

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कई कैमरे खराब, नाइट विजन कैमरा भी नहीं - फोटो : रोहित सोनकर, अमर उजाला

निवेदिता गर्ल्स हॉस्टल

यहां भी आईआईटी बीएचयू के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने सुरक्षा बढ़ा दी थी। इस हॉस्टल में रह रहीं फोर्थ ईयर की छात्रा शालिनी ने बताया कि ज्यादातर छात्राएं प्रोटेस्ट में शामिल थीं। हॉस्टल में छात्राएं कम ही थीं। लेकिन, कई बार वार्डन उनसे बातचीत करने आईं। प्रोफेसर्स ने भी हमसे बातचीत की।

16 अक्तूबर की रात भी दो छात्राओं से हुई थी छेड़खानी

आईआईटी-बीएचयू की दो शोध छात्राओं के साथ बीते 16 अक्तूबर की रात भी उनके हॉस्टल के समीप छेड़खानी हुई थी। प्रकरण में चारपहिया वाहन सवार सुंदरपुर क्षेत्र निवासी चार बाहरी छात्र गिरफ्तार किए गए थे।

चारों का चारपहिया वाहन भी सीज कर दिया गया था। इससे पहले जनवरी और फरवरी में आईआईटी सहित बीएचयू की चार छात्राओं से कैंपस में छेड़खानी हुई थी। इनमें से एक छात्रा दृष्टि बाधित थी। कला संकाय की एक प्रोफेसर ने छेड़खानी के आरोप में मॉरीशस निवासी एक छात्र के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उधर, बृहस्पतिवार को प्रदर्शन कर रहे आईआईटी के छात्रों ने बताया कि उनके साथ की एक छात्रा के साथ हफ्ते भर पहले भी छेड़खानी हुई थी। इसकी सूचना आईआईटी के प्रॉक्टरोयिल बोर्ड को दी गई थी। पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इसका पता नहीं लगा।

 
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आईआईटी निदेशक लापता हैं, छात्रों ने लगाए पोस्टर - फोटो : रोहित सोनकर, अमर उजाला
छात्रा से अश्लीलता की घटना के बाद प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं निदेशक प्रो पीके जैन से बात करना चाह रहे थे। जब निदेशक से मुलाकात नहीं हो पाई तो छात्रों ने आईआईटी परिसर में निदेशक लापता के पोस्टर लगा दिए। इसमें निदेशक की फोटो लगाई गई। फाेटो पर उनके चेहरे को पेन से घेरा बना दिया गया। उनका नाम लिखकर पहले मिसिंग लिखा था। बाद में उस पर वाटेंड लिख दिया। इस तरह के कई पोस्टर निदेशक कार्यालय के गेट के बाहर दीवार और पेड़ों पर लगाए गए थे।

छह साल पहले भी हुई थी ऐसी घटना
बीएचयू कैंपस में वैसे तो छात्रा संग छेड़छाड़, छात्रों के बीच मारपीट की घटनाएं जब तब होती रहती है लेकिन अगर छात्रा संग छेड़खानी के बाद बड़े विरोध की बात करें तो इस तरह की घटना छह साल पहले 23 सितंबर 2017 में हुई थी। महिला महाविद्यालय की एक छात्रा के साथ दृश्य कला संकाय के पास कुछ युवकों ने छेड़खानी की थी। इसके विरोध में महिला महाविद्यालय की छात्राएं सड़क पर उतर आई। महाविद्यालय के बाहर रास्ता जाम करने के साथ ही सिंह द्वार पर धरने पर बैठ गई। इसी बीच पुलिस कर्मियों, पीएसी जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई छात्राएं घायल हो गई थी। इस घटना से बीएचयू प्रशासन की न केवल सुरक्षा पर सवाल खड़ा हुआ बल्कि पूरे देश में खूब किरकिरी भी हुई। इसी घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में पहली बार महिला चीफ प्रॉक्टर के रुप में प्रो. रोयाना सिंह की तैनाती हुई। घटना में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने संज्ञान लिया। विश्वविद्यालय को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया और तत्कालीन कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी छुट्टी पर चले गए थे।

 

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बीएचयू में बवाल - फोटो : रोहित सोनकर, अमर उजाला

कई कैमरे खराब, नाइट विजन कैमरा भी नहीं

आईआईटी में लिंबडी हॉस्टल चौराहा, जिमखाना मैदान के पास, कर्मनवीर बाबा मंदिर, राजपूताना हॉस्टल से निदेशक कार्यालय जाने वाले मार्ग सहित कई जगहों पर अभी भी कैमरे नहीं लगे हैं। जहां घटना हुई, वहां भी कैमरा नहीं है। जो कैमरे लगे हैं, उनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। यहां अधिकांश कैमरे खराब पड़े हैं। नाइट विजन कैमरे भी आईआईटी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के पास नहीं है, जिससे कि रात में घटना होने पर सीसी फुटेज निकालकर घटना को अंजाम देने वालों की पहचान की जा सके।
 
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बीएचयू में बवाल - फोटो : रोहित सोनकर, अमर उजाला
210 सुरक्षा कर्मी, 30 बीमार, 180 की तैनाती

आईआईटी बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो एक चीफ प्रॉक्टर और उनके साथ पांच प्रॉक्टर भी तैनात हैं। एक सिक्योरिटी ऑफिसर, तीन असिस्टेंट सिक्योरिटी ऑफिसर भी इसी प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम हैं। 210 सुरक्षा कर्मी भी तैनात हैं। जानकारी के मुताबिक इस समय 30 सुरक्षा कर्मी बीमार हैं। कुल 180 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, जो अलग-अलग जगहों पर तीन घंटे सेवा दे रहे हैं। इसकी जानकारी एसीपी भेलूपुर ने छात्रों के बीच आकर दी। उन्होंने खुद माना कि आईआईटी में वर्तमान समय में सुरक्षा कर्मी कम हैं।

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आईआईटी में घटना स्थल की फोटो - फोटो : रोहित सोनकर, अमर उजाला

सीएम ने ली जानकारी, पीएमओ भी सक्रिय

वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में छात्रों के प्रदर्शन की पल-पल की रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय के अफसर लेते रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो बार फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने करीब 11 घंटे तक चले आंदोलन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बीएचयू प्रशासन का छात्र छात्राओं से संवाद क्यों नहीं हो पा रहा है। उधर, भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय आंदोलित छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी मांंग को तत्काल स्वीकार करने सक्रिय रहा। 
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