उन्नाव जिले में असोहा के बबुरहा गांव में बुआ-भतीजी की हत्या व गंभीर किशोरी की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। पढ़ाई के प्रति लगन देख पिता ने बेटी को सरकारी नौकरी में भेजने के इरादे से मेहनत मजदूरी से जोड़ी पाई-पाई खर्च कर उसे 10वीं कक्षा तक पहुंचाया। अंतिम संस्कार के दौरान कफन में लिपटी बेटी को देख पिता के सपने उसी कफन के साथ दफन हो गए।
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उन्नाव कांड: घटना के बाद घर में छाया मातम
- फोटो : अमर उजाला
एक मृत किशोरी के पिता ने सपने में नहीं सोचा था कि उसके अरमान इस तरह बिखर जाएंगे। तीन बच्चों में वह बड़ी बेटी (मृतका) को पढ़ा-लिखा कर अफसर बनाना चाहता था।
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उन्नाव कांड: घटना के बाद गांव में तैनात फोर्स
- फोटो : amar ujala
घासफूस के घर में जीवन यापन करने वाला पिता खेती और मजदूरी कर धन इकट्ठा कर परिवार को पालने और बेटी को पढ़ाने में जुटा रहा। उसे विश्वास था कि बेटी पढ़-लिख कर कुछ बनेगी और उसकी मेहनत सफल हो जाएगी। उसने हत्यारोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : amar ujala
आरोपियों के पिता ने बेटे को बताया बेगुनाह
हत्यारोपी विनय के पिता कृष्णपाल ने बताया कि उसके बेटे को गलत फंसाया गया है। पुलिस उसकी मोबाइल लोकेशन जहां मिलने का दावा कर रही है वहीं पास में उसका खेत है। बेटे का अक्सर खेत आना-जाना रहता था। वहीं नाबालिग आरोपी के पिता ने भी उसे बेगुनाह फंसाए जाने की बात कही है।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
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गुनाह कबूलकर रोया आरोपी
पुलिस की पकड़ में आने के बाद आरोपी विनय गुनाह कबूलकर रोया और अपनी करनी पर पछताया भी। उसने कहा कि उन दोनों को जान से मारने का उसका कोई इरादा नहीं था। नमकीन खाने के बाद दोनों ने पानी मांगा तो सच उजागर होने के डर से वह मना नहीं कर सका।
उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
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स्वॉट टीम प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि नाबालिग सह आरोपी को राहत दिलाने का विश्वास दिलाया तो उसने विनय की करतूत उजागर कर दी। आरोपी विनय की कॉल डिटेल से पता चला है कि उसका कई अन्य युवतियों से भी संपर्क था।