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Unnao Case: पंचतत्व में विलीन हुए बुआ-भतीजी के शव, एक साथ घूमना, खेलना, काम करना अब एक साथ हुईं दफन

Fri, 19 Feb 2021 12:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव केस: मृतका काजल और कोमल - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बुधवार को मिले बुआ भतीजी के शव आज पंचतत्व में विलीन हो गए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुआ-भतीजी का अंतिम संस्कार जहां पर दोनों के शव मिले थे उससे कुछ ही दूर खेत में कराया गया। बुआ-भतीजी के शवों को जब परिजन लेकर जा रहे थे तो गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान गांव और आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। 
 
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उन्नाव केस: अंतिम संस्कार में हर आंख हुई नम - फोटो : amar ujala
कमिश्नर रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम रवींद्र कुमार, एसपी आंनद कुलकर्णी भी उस जगह पर मौजूद रहे जहां दोनों का अंतिम संस्कार हुआ। राजनीतिक दलों के प्रदर्शन और हंगामे की संभावना को देखते हुए पूरे गांव और गांव को जाने वाले सभी रास्तों पर भारी पुलिस तैनात कर दिया गया है।

 
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उन्नाव केस: अंतिम संस्कार को ले जाते हुए - फोटो : amar ujala
उन्नाव में असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में दोनों किशोरियों की मौत जहर से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। विसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक लैब में जहर की जांच कराई जाएगी। मृतक किशोरियों के शरीर पर एक भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हाथ-पैर बांधे जाने के साक्ष्य न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए हैं और न ही पुलिस की जांच में। 

 

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उन्नाव केस: गांव में मौजूद फोर्स - फोटो : amar ujala
बबुराह गांव की तीनों बेटियां रिश्तेदार थीं। दो चचेरी बहनें थीं तो तीसरी उनकी भतीजी। इन रिश्तों पर दोस्ती का रिश्ता भारी था। हम उम्र होने की वजह से तीनों दोस्त की तरह रहती थीं। बचपन साथ गुजारा और अब भी वह एक साथ ही काम करती थीं, खेलती थीं और घूमती थीं। इत्तेफाक ऐसा कि इनमें से दो की मौत भी एक साथ आई। तीसरी मौत से जंग लड़ रही है। 

 
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उन्नाव केस: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया जा रहा बुआ भतीजी का अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala
परिजनों ने बताया कि काजल, कोमल और रोशनी की उम्र में बहुत कम अंतर था। एक ही गांव में रहने की वजह से बचपन से ही साथ में पली-बढ़ीं। हर रोज सुबह-शाम एक साथ खेत में काम करने जाती थीं। कभी लकड़ी लेने तो कभी चारा लेने। बुधवार को भी तीनों एक साथ चारा लेने खेत गई थीं। वहां पर वारदात को अंजाम दिया। 

 
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उन्नाव केस: दफन बुआ भतीजी के शव - फोटो : amar ujala
अब रोशनी ही बताएगी सच 
खेत में जो कुछ भी हुआ, वह रोशनी को ही पता है। अभी वह होश में नहीं है। रोशनी ही सच बता सकती है। वही गुनहगारों को पहचानती है। उसके होश में आने पर वारदात से पर्दा उठेगा। हर कोई दुआ कर रहा है कि किसी तरह से जल्द से जल्द रोशनी की तबीयत ठीक हो। देर रात गांव में शव पहुंचते ही कोहराम मच गया था। मृतकों के परिवारों के लोग सड़क पर आ गए और दहाड़ मारकर रोने लगे। हर कोई उनको ढांढस बंधाने में जुटा रहा था। ये नजारा देख ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं।
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