मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कैराना का पलायन और मुजफ्फरनगर का दंगा राजनीतिक नहीं बल्कि अस्मिता का मुद्दा है। भाजपा ने प्रदेश में सुशासन और सुरक्षित माहौल देने का जो वादा किया था, वह पूरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 को खत्म किया, जिन्हें इसका दुख है, उनकी सोच तालिबानी है।
शामली जनपद में कैराना के विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में सोमवार को आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कैराना शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में किराना घराने के नाम से विश्व प्रसिद्ध था। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था। लेकिन पिछली सरकारों ने वोट बैंक के चक्कर में अराजक तत्वों को बढ़ावा देकर इसकी वास्तविक पहचान को खत्म कर दिया। इसे अपराध और दहशत का केंद्र बना दिया। भाजपा एक बार फिर से कैराना की खोई पहचान वापस दिलाएगी। जो लोग नहीं चाहते थे कि राम मंदिर बने, वह देख लें कि आज राम मंदिर बन रहा है।
तीन व्यापारियों की हत्या के बाद शुरू हुआ था पलायन
कैराना में 16 अगस्त 2014 को दुकान पर बैठे विनोद सिंघल की हत्या की गई थी। इसके आठ दिन बाद 24 अगस्त को लोहा स्टोर के मालिक राजेंद्र उर्फ राजू व उनके ममेरे भाई शिवकुमार उर्फ शंकर की मुकीम काला गिरोह ने हत्या कर दी थी। इसके बाद इनके और कुछ अन्य व्यापारियों के परिवार कैराना से पलायन कर गए थे। भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना पलायन का मुद्दा उठाते हुए पलायन करने वाले 346 लोगों की सूची जारी की थी। अब इनमें से 50 के लौटने का दावा किया जा रहा है।