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Sambhal violence: पुलिस पर बयानबाजी सदर को पड़ी भारी, इसी केस में संभल सांसद और विधायक का बेटा भी आरोपी

Mon, 24 Mar 2025 11:44 AM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

Zafar Ali Arrested: संभल बवाल मामले में जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट पर पुलिस ने झूठे आरोप लगाने और बवाल की साजिश रचने के आरोप में कार्रवाई की है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 230 और 231 के तहत उन्हें गिरफ्तार किया। इस मामले में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल भी नामजद हैं।
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जामा मस्जिद कमेटी के सदर को पुलिस ने किया गिरफ्तार - फोटो : संवाद

Sambhal Jama Masjid News: संभल जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट ने 25 नवंबर 2024 को प्रेसवार्ता कर पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। कहा था कि 24 नवंबर के बवाल में पुलिस ने गोली चलाई और उसमें पांच लोगों की जान चली गई। यही आरोप सदर के जेल जाने का कारण बना। पुलिस ने छानबीन के आधार पर उन्हें बीएनएस की धारा 230 और 231 का आरोपी माना। यह धाराएं झूठे साक्ष्य देने या गढ़ने से संबंधित हैं।

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जामा मस्जिद कमेटी के सदर को पुलिस ने किया गिरफ्तार - फोटो : संवाद
इसमें ही गिरफ्तारी की गई है।  इसके अलावा उन पर बवाल की साजिश रचने और भड़काऊ भाषण देने समेत कई गंभीर आरोप भी हैं। दरअसल मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल को पुलिस ने 24 नवंबर को हुए बवाल में नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी। अन्य अज्ञात में आरोपी बनाए गए थे। इसी एफआईआर में सदर को आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। बीएनएस की धारा 230 और 231 की कार्रवाई अतिरिक्त की गई है। क्योंकि उनके द्वारा लगाए गए आरोप पुलिस ने पूरी तरह गलत पाए। वह अपने आरोप में कोई साक्ष्य नहीं दे सके। 
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जामा मस्जिद कमेटी के सदर को पुलिस ने किया गिरफ्तार - फोटो : संवाद
जामा मस्जिद के नाम पर फंडिंग की भी  चर्चा  
जिस समय जामा मस्जिद कमेटी के सदर को कोतवाली बुलाया गया था। उस समय चर्चा थी कि सदर को जामा मस्जिद के नाम पर हुई फंडिंग के मामले में बुलाया गया है। एक क्यूआर कोड के माध्यम से यह फंडिंग प्राप्त की जा रही है। हालांकि बाद में इस फंडिंग के मामले में अधिकारियों द्वारा भी कोई जवाब नहीं दिया गया। एसपी ने बताया कि टीम छानबीन कर रही है। वहीं, सदर के भाई ताहिर अली ने कहा कि फंडिंग किए जाने का आरोप बेबुनियाद है। एक पैसे की फंडिंग नहीं कराई गई है।

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जामा मस्जिद कमेटी के सदर को पुलिस ने किया गिरफ्तार - फोटो : संवाद
इन धाराओं में सजा का प्रावधान यह है
  • धारा 230- इस  अपराध के लिए सजा आजीवन कारावास या 10 साल तक का कठोर कारावास और जुर्माना हो सकता है।
  • धारा 231- इस अपराध के तहत दोषी व्यक्ति को उस अपराध के लिए सजा दी जाएगी जो उसने झूठा साक्ष्य देकर किसी को फंसाने का प्रयास किया था। 
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बीएनएस में धारा 230 और 231 क्या है
बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) में धारा 230 और 231, झूठे साक्ष्य देने या गढ़ने से संबंधित हैं, लेकिन इनके प्रावधान अलग-अलग हैं। धारा 230 मृत्युदंड के अपराध में दोषसिद्धि के लिए झूठा साक्ष्य देने से संबंधित है, जबकि धारा 231 आजीवन कारावास या 7 साल से अधिक की सजा वाले अपराध के लिए झूठा साक्ष्य देने से संबंधित है। 
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जामा मस्जिद सदर के खिलाफ इन धाराओं के तहत कार्रवाई
जामा मस्जिद सदर को मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में धारा 191(2), 191(3), 190, 221, 132, 125, 324(5)19, 223(b), 326(f), 230, 231 भारतीय न्याय संहिता व 3/5 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम। इस एफआईआर में धारा 230 और 231 जामा मस्जिद सदर पर ही लगी है। अन्य धाराओं में सांसद जियाउर्रहमान और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल नामजद हैं।
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24 नवंबर को संभल में क्या हुआ था
24 नवंबर 2024 को संभल जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए टीम पहुंची थी। इस दौरान भीड़ ने उपद्रव कर दिया था। पुलिस पर पथराव और फायरिंग हुई थी। पांच लोगों की जान चली गई थी। 29 पुलिकर्मी चोटिल हो गए थे। इसमें कोटगर्बी निवासी अयान, नईम, तुर्तीपुर इल्हा निवासी कैफ और सरायतरीन निवासी बिलाल के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जबकि हयातनगर निवासी रोमान के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया था।

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इसलिए पुलिस ने मृतक संख्या चार बताई थी। इन सभी लोगों की मौत का जिम्मेदार जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने पुलिस को बताया था। जबकि पुलिस ने इन हत्या के खुलासे कर दिए हैं। जिसमें शारिक साटा गिरोह का नाम प्रकाश में आया था। शारिक गिरोह से जुड़ा मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम को जेल भेजा जा चुका है।
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संभल हिंसा - फोटो : संवाद
बवाल की साजिश रचने समेत कई गंभीर आरोप में जामा मस्जिद कमेटी के सदर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आगे की छानबीन पुलिस की जारी है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।   - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल

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