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आखिर कौन है शाहजेब: भीख मांग करता था गुजारा, अब बन गया करोड़पति, डॉक्टर बनने का है सपना

Fri, 16 Dec 2022 06:00 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
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शाहजेब। - फोटो : amar ujala
कोरोना काल में मां की मौत के बाद छह साल का शाहजेब अनाथ हो गया था। मां की मौत से पहले उसके पिता की मौत भी हो चुकी थी। बताया गया कि एक पहले उसके दादा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया था। जब वह अकेला रह गया तो लॉकडाउन में भीख मांगने पर मजबूर हो गया।



इस दौरान उसने चाय की दुकानों पर भी काम किया। लेकिन शाहजेब को लेकर जो बात सामने आई, उसने हर किसी को चौंका दिया है। 
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छोटे दादा के साथ शाहजेब। - फोटो : amar ujala
कोरोना ने छीन लिया था मां का आंचल
सहारनपुर जिले के गांव पंडोली में रहने वाली इमराना पति मोहम्मद नावेद की मौत के बाद 2019 में अपने ससुराल वालों से नाराज होकर मायके यमुनानगर, हरियाणा चली गई थी। वह अपने बेटे शाहजेब को भी साथ लेकर गई थी। हालांकि उसके ससुराव वालों ने काफी मनाने का प्रयास किया था, लेकिन वह नहीं मानी थी। वहीं कोरोना काल में इमराना की मौत हो गई। वहीं मां की मौत के बाद शाहजेब अकेला रह गया।
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परिवार के साथ शाहजेब। - फोटो : amar ujala
एक साल पहले हुई दादा की मौत
अमर उजाला के संवाददाता ने शाहजेब के छोटे दादा शाह आलम से बात की तो उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले बड़े भाई याकूब की मौत हो गई थी। साथ ही उन्होंने बताया कि बड़े भाई याकूब ने मरने से पहले अपने पोते शाहजेब के नाम अपनी आधी जायदाद नाम कर दी थी। वसीयत लिखे जाने के बाद से परिजन शाहजेब को ढूंढ रहे थे।

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छोटे दादा के साथ शाहजेब। - फोटो : amar ujala
लावारिस जिंदगी जी रहा था शाहजेब
तब से शाहजेब कलियर में लावारिस जिंदगी जी रहा था। वह अपना पेट भरने के लिए भीख मांगने को भी मजबूर था।
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शाहजेब का घर। - फोटो : amar ujala
परिवार में ईद जैसी खुशियां
शाहजेब के छोटे दादा शाह आलम कहते है कि बच्चे के मिलने से परिवार में ईद की खुशियां जैसा माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें विश्वास था कि ऊपर वाला उनकी जरूर सुनेगा और एक दिन उनका बच्चा जरूर मिलेगा। ऊपर वाले के रहम और कर्म से उनका बच्चा से कुशल मिल गया है। दादा शाह आलम का कहना है कि वह बच्चे की परवरिश कर उसे अच्छा नागरिक और काबिल बनाएंगे।
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परिवार के साथ शाहजेब। - फोटो : amar ujala
अब परिवार से मिला शाहजेब तो बदल गई जिंदगी
बताया गया कि कलियर में सड़कों पर घूमते समय गांव के ही युवक मोबिन ने शाहजेब को पहचान लिया। इसके बाद उसने शाहजेब के छोटे दादा शाह आलम को सूचना दी। इसके बाद वे बृहस्पतिवार कलियर पहुंचे और बच्चे को अपने साथ ले गए। इस दौरान पता चला कि शाहजेब के नाम गांव में पुश्तैनी मकान और पांच बीघा जमीन है। जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
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शाहजेब - फोटो : अमर उजाला
वहीं शाहजेब का कहना है कि वह पहले नागल में पढ़ता था। तब वह कक्षा दो में था। वह अपनी पढ़ाई जारी रखेगा। शाहजेब का कहना है कि वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहता है।
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शाहजेब - फोटो : अमर उजाला
ऐसा मिला शाहजेब
परिजनों ने शाहजेब की फोटो व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल साइट्स पर अपलोड कर तलाशने वाले को इनाम का एलान किया था। दूर का एक रिश्तेदार मोबिन कलियर आया था। बाजार में घूमते समय उसकी नजर शाहजेब पर पड़ी तो उसने वायरल फोटो से उसके चेहरे का मिलान किया। पूछने पर शाहजेब ने अपना और मां के नाम के साथ गांव का नाम सही बताया तो मोबिन ने उसके परिजनों को जानकारी दी।
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