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चार बड़े मामले: पुलिस की कार्रवाई में खुलासा, फर्जी दस्तावेज तैयार करने का गढ़ बना सहारनपुर, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Wed, 16 Mar 2022 06:53 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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एटीएएस द्वारा गिरफ्तार इनामुलहक - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर जनपद फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों का गढ़ बन चुका है। एटीएस और पुलिस की कार्रवाई में इसका खुलासा हुआ है। भोपाल में पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों ने सहारनपुर से आधार कार्ड, पहचान पत्र और पैन कार्ड फर्जी नामों से बनवाए। इसी तरह एक गिरोह बैंकों को 15 करोड़ से अधिक की चपत लगा चुका है, जिसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई बैंकों से ऋण लिया। 

इन मामलों में सरकारी तंत्र और जनसेवा केंद्रों के संचालकों की भूमिका भी संदिग्ध मिल चुकी है, लेकिन पुलिस ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ तो कार्रवाई की, लेकिन प्रमाण पत्र तैयार करने वालों को नहीं दबोचा गया। नगर कोतवाली पुलिस फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण लेने वाले 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन यह कहां से फर्जी दस्तावेज बनवाते थे, इसकी भी पुष्टि की गई, लेकिन अभी आरोपी नहीं दबोचे गए। आरोपियों ने फर्जी नामों से बैंकों में खाते भी खुलवा रखे थे। इतना ही नहीं, आधार कार्ड, पैन कार्ड और पहचान पत्र भी जमा कर रखे थे। इसी तरह भोपाल में पकड़े गए संदिग्ध चार आतंकियों ने भी सहारनपुर से ही फर्जी दस्तावेज तैयार कराए हैं। हालांकि, अब फर्जी दस्तावेज बनाने वालों को भोपाल एटीएस यूपी एसटीएस की मदद से तलाश रही है। ऐसे कई मामले जनपद में सामने आ चुके हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
केस - 1
भोपाल एसटीएस ने दो दिन पूर्व संदिग्ध चार आतंकियों को पकड़ा है, जिन्होंने सहारनपुर से फर्जी नाम से आधार कार्ड, पहचान पत्र, पैन कार्ड बनवाना स्वीकार किया है। इसी तरह फरवरी में एकता कॉलोनी से पकड़े गए बांग्लादेशी पिता-पुत्र ने भी सहारनपुर में रहते हुए फर्जी नामों से आधार कार्ड और पहचान पत्र बनवाए थे। 
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
केस - 2
जनवरी माह में नगर कोतवाली पुलिस ने साकिब निवासी पुरानी मंडी, मोहम्मद नवाज निवासी कंबोह का पुल व गुलफाम उर्फ शानू निवासी मोहल्ला सब्जी मंडी मुजफ्फरनगर को पकड़ा था। इन्होंने जोगियान पुल स्थित बैंक से फर्जी दस्तावेज के आधार पर 20 लाख लोन लिया था। इसके अलावा कई बैंकों से इसी तरह ऋण लेकर हड़पने की बात स्वीकार की। 

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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
केस - 3
फरवरी माह में नगर कोतवाली पुलिस ही ने रजत कुमार पुत्र क्रेशन गांव छपरेड़ी कोतवाली रामपुर मनिहारान को गिरफ्तार किया। इस आरोपी ने अपने गिरोह के करीब पांच सदस्यों के साथ मिलकर केनरा बैंक की कई शाखाओं से 47 लाख रुपये का ऋण लिया। रजत के हिस्से में 13 लाख रुपये आए थे। पुलिस ने चार लाख रुपये आरोपी के खाते में फ्रीज कराए हैं, लेकिन इसके साथी अभी पकड़े नहीं गए। इसी तरह यह गिरोह 15 करोड़ से अधिक का ऋण ले चुका था। 
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
केस- 4 
वर्ष 2008 में पटियाला पुलिस ने हकीकतनगर से पाकिस्तान जासूस इकबाल भट्टी को गिरफ्तार किया था, जो सहारनपुर में कई वर्षों से रहा रहा था। उसने देवराज सहगल के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करके भारत की नागरिकता भी प्राप्त कर ली थी। इसमें सरकारी तंत्र की मिलीभगत भी सामने आई थी। सरकारी कर्मचारियों को भी नामजद किया गया था। 
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सहारनपुर पुलिस। - फोटो : amar ujala
फर्जी नामों से दस्तावेज बनाने वालों को चिह्नित किया जाएगा। इसको लेकर खुफिया विभाग और समस्त थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए है। ऐसे शातिर ज्यादा समय तक पुलिस से नहीं बच पाएंगे। - आकाश तोमर, एसएसपी
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