विलाप करते परिजन।
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मोहल्ला दक्षिणी खालापार निवासी जावेद निराना की एक फैक्टरी में मजदूरी करता है। वह बुधवार को काम पर गया था। घर पर उसकी पत्नी अंजुम, बेटा नबील (11), बेटी नबिया (8), सबिया (6) व सिदरा (3) थी। दोपहर में नबील, नबिया, सबिया पास में मस्जिद में हाफिज के पास पढ़ने गए थे। छोटी बेटी सिदरा पास में ही अपने ताऊ महबूब के घर खेलने चली गई। लगभग तीन बजे नबील घर पहुंचा तो इसी दौरान दारोगा की कोठी के पास रहने वाला राशिद भी घर आया। किसी काम से हाफिज ने नबील को आवाज लगाकर बुला लिया। पांच मिनट बाद नबील वापस लौटा तो उसकी मां खून से लथपथ पलंग पर पड़ी थी। उसने आसपास के लोगों को व अपने पिता को घटना की जानकारी दी।