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दुर्गा विसर्जन की लाइव तस्वीरें: धुनुची नृत्य कर भक्तों ने निकालीं यात्राएं, सिंदूर खेला के साथ मां को विदाई

Mon, 14 Oct 2024 12:29 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद में छह दिन से शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाए जा रहे दुर्गा पूजा महोत्सव में रविवार को सिंदूर खेला के बाद मां दुर्गा को विदाई दी गई। महिलाएं लाल और सफेद रंग की पारंपरिक बंगाली साड़ी पहनकर पहुंचीं। पंडालों से रामगंगा नदी तक धूमधाम से विसर्जन यात्राएं निकाली गईं।
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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
रास्ते भर श्रद्धालु सिंदूर खेलते हुए ढोल-नगाड़ों की धुन पर माता के भजनों पर झूमते हुए चले। माता के जयकारों से भक्ति का माहौल बन गया। शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु माता की प्रतिमाओं का विसर्जन करने रामगंगा नदी के तट पर पहुंचे। सद्भावना पार्क में सुबह साढ़े सात बजे विजयदशमी की पूजा की गई।
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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद अपराजिता पूजा का आयोजन किया गया। रुद्रपुर से आए किरन चक्रवर्ती ने पूजा करवाई। महिलाओं ने माता को सिंदूर लगाने के बाद सिंदूर खेला। इसके बाद विसर्जन यात्रा सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान के पास रामगंगा नदी तक निकाली गई। धूमधाम से माता का विसर्जन किया।

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सूचीमय बर्मन, पीके लहरी, कविता मजूमदार, शिखा वर्मन, उन्नति चौधरी आदि मौजूद रहीं। कांशीराम नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में दुर्गा महोत्सव के अंतिम दिन जयकारों के बीच विसर्जन यात्रा निकाली गई। महिलाओं ने मैया को सिंदूर लगाने के बाद सिंदूर खेला।
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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
बंगाली समाज के अलावा आसपास के क्षेत्रों से महिलाएं कालीबाड़ी पहुंचीं। दही-चिवड़ा का प्रसाद बांटा गया। पंडित गौरी शंकर भट्टाचार्य ने सभी श्रद्धालुओं को रक्षासूत्र बांधा। ढाक और शंख की धुन पर महिलाओं ने धुुनुची नृत्य करते हुए शोभायात्रा निकाली।
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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
विदाई यात्रा लोकोशेड पुल होते हुए महाराणा प्रताप चौक, स्टेशन रोड, इंपीरियल तिराहा, बुध बाजार चौक, टाउनहॉल, जीएमडी रोड, ताड़ीखाना होते हुए पारकर इंटर कॉलेज पहुंची। यहां से कांठ रोड होते हुए रामगंगा नदी के तट पर यात्रा पहुंची। यहां पर भावपूर्ण  तरीके से मैया को विदाई दी। इस दौरान असीम कुमार मित्रा, श्यामल राय, प्रसनजीत घटक, बाबुल देवनाथ, हिमांशु मुखर्जी आदि मौजूद रहे।
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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला

लाइनपार में निकाली गई शोभायात्रा

लाइनपार में सर्वोदय विकास समिति की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा में महिलाओं ने विदाई के लिए माता को तैयार किया। इसके बाद मैया को और फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाने के बाद यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा एक बैंक्वेट हाॅल से से लोकोशेड पुल, महाराणा प्रताप चौक, पीलीकोठी, हरथला होती हुई रामगंगा नदी के तट पर पहुंची। यहां पर मैया को विदा किया गया। इस दौरान डॉ. प्रदीप कुमार विश्वास, तुषार विश्वास, सहदेव मंडल, दिवाकर विश्वास, अनिल चंद्रदास आदि मौजूद रहे।

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला

मनोरंजन सदन से  भी निकाली गई विसर्जन यात्रा 

सर्वजनिन बंगाली एसोसिएशन के अध्यक्ष असित बनर्जी ने बताया कि मनोरंजन सदन में सिंदूर खेला के बाद विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा रामगंगा नदी के तट पर पहुंची। यहां पर मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित किया गया। इस दौरान देवाशीष भट्टाचार्य, एके बनर्जी, अरुण भट्टाचार्य, अभिजीत रॉय, वासु चटर्जी आदि मौजूद रहे।

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला

धुनुची नृत्य कर मां दुर्गा की आराधना की

बंगाली समुदाय मां दुर्गा की आराधना में डूबा हुआ है। शनिवार को पंडालों में महादशमी की पूजा हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। रंगारंग तरीके से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही। सर्वजनिन बंगाली एसोसिएशन के अध्यक्ष असित बनर्जी ने बताया कि मनोरंजन सदन में सुबह पूजा हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित की।

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला

दसवीं होने की वजह से श्रद्धालुओं ने माता की प्रतिमा को विसर्जित किया। हालांकि, शनिवार होने के कारण विदाई रविवार को होगी। शाम को माता की आरती की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। समाज की महिलाओं ने धुनुची नृत्य किया। इस दौरान असित बनर्जी, एके सिंह, देवाशीष भट्टाचार्य, सौरभ चक्रवर्ती, स्वपन डे आदि मौजूद रहे।

 

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला

सांस्कृतिक कार्यक्रम के विजेताओं का किया सम्मान
कांशीराम नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में मुरादाबाद बंगाली कल्चरल एजुकेशनल सोसायटी की ओर से सुबह पूजा के बाद पुष्पांजलि दी गई। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया। विजयदशमी का मुहूर्त आरंभ होने के कारण मां दुर्गा का दर्पण विसर्जन किया गया। पूजा विधिवत रूप से पुरोहित गौरी शंकर भट्टाचार्य ने करवाई।

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
संध्या आरती के बाद महिला श्रद्धालुओं ने धुनुची नृत्य कर माता की आराधना की। मुख्य अतिथि डॉ. अनुराग अग्रवाल व डॉ. इंद्रनील हल्दर ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विजेताओं को सम्मानित किया। इस दौरान आशीष कुमार मित्रा, श्यामल रॉय, प्रसनजीत घटक, प्रबीर घोषाल, जयंत साहा आदि मौजूद रहीं।

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला

बुधवार को धूमधाम से हुआ था आगाज 

दुर्गा महोत्सव का आगाज बुधवार से हो गया था। इसके साथ ही बंगाली समाज ने तैयारी पूरी कर ली थी। इस बार श्रद्धालुओं को माता की अराधना के लिए एक दिन अधिक मौका मिला। दशहरा की बजाय 13 अक्तूबर को मातारानी की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि दशहरा शनिवार को है।

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
इस दिन मातारानी की विदाई नहीं की जाती है। इसलिए इस बार रविवार को माता की विदाई हुई। सार्वजनिन बंगाली एसोसिएशन के अध्यक्ष असित बनर्जी ने बताया कि मनोरंजन सदन में सात फीट की दुर्गा मूर्ति की स्थापना की गई थी। है। कोलकाता से मूर्तिकार मदन सरकार ने प्रतिमाओं को बनाया।

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मुरादाबाद में दुर्गा पूजा - फोटो : अमर उजाला
माता दुर्गा के साथ भगवान गणेश, लक्ष्मी जी, सरस्वती जी, कार्तिकेय की प्रतिमाएं भी लगाई गई थी। इस बार मातारानी के दरबार की सुंदरता बढ़ाने के लिए थर्माकोल से सजाया गया था। प्रतिदिन पूजा सुबह पांच बजे से सुबह आठ बजे तक की गई। इसकी वजह है कि पंचाग के अनुसार पूजा के लिए यह समय मिला है। दिनेशपुर के पंडित बनमाली चक्रवती विधि विधान पूजा कराई।
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बंगाल की थीम पर सजा पंडाल

सर्वोदय विकास समिति की ओर से साईं सेलिब्रेशन लाइनपार में दुर्गा महोत्सव मनाया गया। सचिव तुषार विश्वास ने बताया कि नौ फीट की दुर्गा प्रतिमा काली बाड़ी में तैयार की गई थी। भगवान गणेश, लक्ष्मी जी और कार्तिकेय भगवान की प्रतिमाएं लगाई गई थी। इस बार खासियत यह थी कि पंडाल पश्चिम बंगाल की थीम पर बनाया गया था। पिछले वर्षों की अपेक्षा यह बड़ा था। इसे बनाने के लिए छह कारीगर पश्चिम बंगाल से आए थे। बांस और सूती के बसंती और नारंगी रंग के कपड़े से पंडाल तैयार किया गया था। सुबह पुष्पांजलि पूजा, दोपहर में भंडारा और शाम को धुनुचि नृत्य किया गया।
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