आम उपभोक्ता के बिजली का बिल पांच हजार रुपये से अधिक बकाया हो तो उसका कनेक्शन काट दिया जाता है, मगर खाकी पर तो विद्युत निगम भी मेहरबान है। सहारनपुर जिले में शहर से देहात तक के थानों और चौकियों को मिलाकर करीब दो करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
बावजूद इसके अधिकतर थानों और चौकियों में लगातार एसी चलाए जा रहे हैं। निगम का बकाया भुगतान कभी पांच तो कभी छह माह में किया जाता है। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को शहर और देहात के कुछ थानों और चौकियों की पड़ताल की तो यह स्थिति सामने आई। पेश है रिपोर्ट...