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'विमल को तुमने जो पेन ड्राइव भेजी, मैंने सारी देख ली...', आखिर एसओ ने पहले ही क्यों नहीं की कार्रवाई

Sun, 05 May 2019 12:50 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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एसओ मेडिकल कैलाश चंद - फोटो : अमर उजाला
बच्चियों से दरिंदगी के मामले में आरोपी विमलचंद को पुलिसने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया वहीं मामले में एसओ मेडिकल की भूमिका पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। थाना मेडिकल के एसओ को आरोपी की करतूतों के बारे में पता चल चुका था फिर भी उन्होंने सक्रियता नहीं दिखाई। एसओ और टेक्निशियन की आपस में हुई बातचीत ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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गिरफ्तार आरोपी विमल चंद व टेक्निशियन आशू - फोटो : अमर उजाला
आरोपी विमल ने घर के कैमरे खराब होने के बाद टेक्निशियन आशू को बुलाया। कैमरे ठीक करने पहुंचे आशू ने जब कैमरों की डीवीआर देखी तो पता चला कि मकान मालिक अपने घर में बच्चियों को बुलाकर दरिंदगी करता है। कैमरे ठीक करने के बाद आशू ने कैमरों की डीवीआर का रिकॉर्ड अलग से एक पेन ड्राइव में सेव कर लिया।
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आरोपी विमल चंद को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी नितिन तिवारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आशू ने इस मामले में विमलचंद के घर पर एक पेन ड्राइव देते हुए कहा कि उसकी सारी करतूत उसके पास आ गई है। जिसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर मैसेज भी हुए। कैमरे ठीक करने के नाम पर आशू ने विमल से 80 हजार रुपये भी लिए।

 

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पुलिस के दबोचने पर खुद को छुड़ाने की कोशिश करता आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने नवंबर 2018 तक की फुटेज और कुछ अन्य फोटो को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। वहीं पुलिस ने कैमरों के टेक्निशियन आशू से दो पेनड्राइव भी बरामद की हैं। सभी कैमरों और एक पेनड्राइव को आरोपी आशू एक महिला के घर पर रखकर आया था। जहां से पुलिस ने सारा सामान बरामद करते महिला से भी पूछताछ की। 
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घटना का खुलासा करते एसएसपी नितिन तिवारी - फोटो : अमर उजाला
एसओ मेडिकल की भूमिका संदिग्ध
टेक्निशियन आशु और एसओ मेडिकल कैलाश चंद की एक ऑडियो क्लिप मिली है। जिससे सुनकर जाहिर होता कि एसओ मेडिकल भी आरोपों के घेरे में हैं। हालांकि एसएसपी का कहना कि ऐसा प्रमाण नहीं मिला, जिससे साबित हो जाए कि एसओ की इस प्रकरण में भूमिका है। जबकि ऑडियो से सवाल उठता है कि सब कुछ जानने के बाद भी एसओ ने कार्रवाई क्यों नहीं की। 
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सीसीटीवी फुटेज में आरोपी के साथ तीन से चार मासूम भी दिखाई दे रही हैं। - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि आशु दो दिन पहले उनके आवास पर आया था। पीआरओ ने सुबह 10 बजे पुलिस ऑफिस में आने की बात कहीं थी। लेकिन आशु नहीं आया। सवाल है कि आशु एसएसपी से मिलने उनके आवास पर खुद गया था तो ब्लैकमेलिंग कैसे कर सकता है। इसकी एसएसपी ने जांच करने की बात कहीं है। पुलिस की आशु पर कार्रवाई भी संदेहजनक है। आगे देखें ऑडियो क्लिप के मुताबिक एसओ व आशू में क्या बातचीत हुई: -

एसओ: हैलो मैं एसओ मेडिकल बोल रहा हूं। 
आशु: बताइए सर, क्या बात है? 

एसओ: विमल चंद जी को जानते हो? 
आशु: नहीं... हां जानता हूं, बताइए क्या बात है?
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सीसीटीवी में कैद हुई आरोपी - फोटो : अमर उजाला
एसओ: तुम्हारा क्या मामला है, तुम्हारे नंबर से मैसेज व वाइस रिकार्डिंग आई है। मेरे पास आ सकते हो? 
आशु: मुझे भेजिए, कोई बात नहीं। बॉस मेरा एक्सीडेंट हो गया है। मैं मेडिकल में ही भर्ती हूं। 

एसओ: मेडिकल में वार्ड नंबर और बेड नंबर?
आशु: प्रॉब्लम तो बताइए? मुझे थोड़ा तो बताओ? मंडे को ऑपरेशन कराकर आपसे बात करता हूं। 
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सीसीटीवी फुटेज में आरोपी के साथ तीन से चार मासूम भी दिखाई दे रही हैं। - फोटो : अमर उजाला
एसओ: अगर गलती हुई है, तो सुधार कर लेना। 
आशु: मुझसे गलती क्या हुई? बॉस मुझे बताओ तो। 

एसओ: तुमने जो गिफ्ट में विमल चंद जी को जो पेन ड्राइव भेजी है, वो मैंने सारी देख ली है। तुम्हारे बीच में जो डीलिंग हुई है, वो भी मुझे पता है। तुम आकर मिलो, तब बात करते हैं। 
आशु: ठीक है सर। मैं ऑपरेशन कराकर खुद आपसे मिलता हूं। 

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