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आंखों देखी: मेरठ के स्नेहाशीष ने बताए यूक्रेन के हालात, बोला- पापा खाने में बची है सिर्फ ब्रेड, चारों तरफ हो रहे धमाके

Sat, 26 Feb 2022 01:47 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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स्नेहाशीष। - फोटो : amar ujala
यूक्रेन में फंसे मेरठ के स्नेहाशीष ने पिता संतु को फोन कर बताया कि वह जिस अपॉर्टमेंट है उसके चारों तरफ धमाकों की आवाज आ रही है। शहर बंद है और खाने के लिए उसके पास सिर्फ ब्रेड बची है। स्नेह ने यूक्रेन में हो रहे बम धमाकों की वीडियो भेजते हुए कहा पापा देखो हमारे सामने ही बम फट रहे हैं। 

मेरठ के कई एमबीबीएस छात्र यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे हैं। मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले और इन दिनों रोहटा रोड के सरस्वती विहार निवासी स्नेहाशीष भी इवानो फ्रांकविस्क ओबसालटा यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहा है। स्नेहाशीष के पिता संतु सेना से सेवानिवृत्त हैं। यूक्रेन से फोन पर बात करते हुए स्नेहाशीष ने बताया कि यहां हालात डरावने हैं। बाहर हर तरफ धमाकों की आवाज है। आसमान में धुआं नजर आ रहा है। कोई कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। उनके पास खाने के लिए ज्यादा राशन नहीं बचा है। फास्ट फूड और ब्रेड खाकर काम चला रहे हैं। बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। सब डरे हुए हैं, हर घंटे परिजनों से बात कर रहे हैं।
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यूक्रेन के हालात। - फोटो : amar ujala
जिला प्रशासन से नहीं किया किसी ने संपर्क
जिलाधिकारी के. बालाजी ने बताया कि यूक्रेन संकट को देखते हुए जिला प्रशासन यूक्रेन में फंसे जनपद के लोगों की मदद को पूरी तरह तैयार है। हालांकि अभी तक किसी के भी परिजनों ने उनसे संपर्क नहीं किया है। जो भी मदद को आएगा, उसकी हर संभव मदद कराई जाएगी।
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यूक्रेन में हो रहे धमाके। - फोटो : amar ujala
हलालपुर के बृजवीर सिंह यूक्रेन में फंसे
हलालपुर छपरौली निवासी बृजवीर सिंह यूक्रेन के डेनिप्रो शहर में डेनिप्रो मेडिकल यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता तेजवीर सिंह खोखर ने बताया कि बेटे से लगातार बातचीत हो रही है। वहां के सभी छात्र घबराएं हैं और माहौल भी कुछ ठीक नहीं है। उसके साथ के करीब चार सौ छात्र अभी वहीं हैं। फिलहाल बाहर आवागमन पूरी तरह से बंद किया गया है।

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यूक्रेन में फंसे मेरठ के छात्र। - फोटो : amar ujala
पिता ने बताया कि बेटे के स्वदेश लौटने की अभी तक कोई सूचना तक नहीं है। घंटाघर निवासी जसीम भी रोहटा रोड के स्नेहाशीष के साथ यूक्रेन में फंसे हैं। उनके व्हाट्सएप नंबर पर कॉलिंग की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो पाया।
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
राज्य सरकार ने भी खोला कंट्रोल रूम
प्रदेश सरकार ने यूक्रेन में रह रहे राज्य के नागरिकों और छात्रों को सहायता पहुंचाने के लिए न केवल राज्य कंट्रोल रूम खोला है, बल्कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास कीव से समन्वय स्थापित करने के लिए शासन ने राहत आयुक्त एवं सचिव राजस्व विभाग रणवीर प्रसाद को नोडल अधिकारी बनाया है। नोडल अधिकारी यूक्रेन में मौजूद लोगों को स्वदेश लौटने में मदद दिलाने का काम करेंगे। राज्य कंट्रोल रूम का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 0522-1070, 9454441081 है।
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