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Raksha Bandhan: ज्योतिषाचार्य बोले-दूर करें कन्फ्यूजन,11 अगस्त को ही मनाएं रक्षा बंधन, ये है उत्तम मुहूर्त

Wed, 10 Aug 2022 04:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

Raksha Bandhan 2022 Subh Muhurt: भाई-बहन के प्रेम का अटूट पर्व रक्षाबंधन 11 अगस्त को ही मनाया जाएगा। 
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रक्षाबंधन 2022 - फोटो : अमर उजाला
भाई-बहन के प्रेम का अटूट पर्व रक्षाबंधन 11 अगस्त को ही मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों और धर्मगुरुओं का कहना है कि यही दिवस शास्त्र सम्मत और अति उत्तम है। सुबह 10:38 बजे से तिलक के लिए शुभ मुहूर्त शुरू होगा। हालांकि दोपहर 1:30 से अपराह्न 3:00 बजे तक राखी नहीं बांधी जाएगी।ज्योतिषाचार्य का कहना है कि रक्षाबंधन के संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल होन रही विभिन्न जानकारियों को सच न मानें विभिन्न पांचांगों के अनुसार जो सही तिथि है उसी दिन रक्षाबंधन मनाना उत्तम है। इसलिए पर्व की तिथियों और दिन को लेकर अन्य किसी तरह का भ्रम न रखें।

देश के विभिन्न पंचांगधर्म सिंधू, निर्णय सिंधू ,पीयूष धारा, मुहूर्त चिंतामणि, पंचांग दिवाकर, तारा प्रसाद, दिव्य पंचांग सहित अन्य के अनुसार 11 अगस्त को ही पर्व की उत्तम परिस्थितियां बन रही हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि 11 अगस्त को सुबह 10:38 बजे तक चतुर्दशी तिथि है। इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है।
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रक्षाबंधन 2022 - फोटो : अमर उजाला
पूर्णिमा में ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा। अगले दिन 12 अगस्त को सुबह 7:06 मिनट तक ही पूर्णिमा तिथि का भोग काल है। इस दिन मेरठ नगर में सूर्योदय काल सुबह 5:40 मिनट पर है। इसलिए इस दिनन रक्षाबंधन के लिए तीन मुहूर्त से भी कम का समय है।
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रक्षाबंधन 2022 - फोटो : अमर उजाला
आचार्य कौशल ने बताया कि सनातन परंपरा में काल को नापने की इकाई मुहूर्त ही होता है। यह करीब 48 मिनट का होता है। 12 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सूर्योदय के बाद मात्र 85 मिनट है। रक्षाबंधन का पर्व मनाने के लिए तीन मुहूर्त यानी 144 मिनट होने चाहिएं।
 

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रक्षाबंधन 2022 - फोटो : अमर उजाला
इसलिए इस दिन रक्षाबंधन नहीं मनाया जा सकता। ऐसे में 11 अगस्त को पर्व मनाना ही उचित है। इस दिन भद्रा पाताल लोक में होने से इसका भी विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे में भद्रा रक्षाबंधन में किसी प्रकार की बाधा नहीं बनेगी।
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रक्षाबंधन के लिए नगर के सहादतपुरा में राखी खरीदतीं युवतियां। - फोटो : mau
सिर्फ भद्रा रहित होने के कारण ही कुछ आचार्य 12 अगस्त को रक्षाबंधन की बात कह रहे हैं। वहीं,  आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि 12 अगस्त को सूर्योदय के बाद 85 मिनट के लिए सिर्फ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकता है। पंडित गुलशन शर्मा ने 11 अगस्त को बृहस्पतिवार के साथ क्षवण नक्षत्र उपस्थिति को रक्षाबंधन के लिए शुभकारी माना है।
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