मेरठ के शास्त्रीनगर में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने से पहले ईशु के साथियों ने आठ जुलाई को सटीक प्लान बनाया था। ईशु के दोस्त विशांत ने कौशल के मोबाइल पर रविवार रात 1:27 बजे कॉल की थी। विशांत ने कहा कि उसके दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है। उसे एक हजार रुपये की जरूरत है। कौशल ने हामी भरकर दरवाजा खोल दिया। इसके बाद दीपक मुंह पर कपड़ा लगाकर घुसा था। दीपक ने ही सबसे पहले सीसीटीवी की डीबारआर तोड़ी। तभी विशांत और रिंकू भी आ गए। इसके बाद विशांत ने कौशल के हाथ और दीपक ने पैर पकड़े। रिंकू ने चाकू से गर्दन काटी। इस दौरान कौशल की चीख सुनकर तमन्ना भी चिल्लाई और यह मंजर देख सहम गई। तभी तीनों आरोपियों ने तमन्ना पर भी चाकू से वार कर उसकी जान ले ली।
ईशु ने हत्या के लिए स्मैक सप्लाई करने वाले तीनों साथी रिंकू, दीपक, विशांत सिंह को एक-एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। ईशु ने ही ससुराल में दोस्तों का आना-जाना शुरू कराया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के बयान लिए हैं। मुकदमे के वादी नवीन के भी बयान दर्ज किए गए हैं।