प्रोफेसर की मौत का मामला।
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कुछ समय पहले एचओडी ने हस्ताक्षर के लिए ही उन्हें घंटों इंतजार कराया गया। जिस विभाग में 15 साल सेवाएं दीं, उसी विभाग की एचओडी उनसे कहती हैं कि हस्ताक्षर कराने के लिए पहचान पत्र दिखाओ। छोटे-छोटे अवसरों पर उनको नीचा दिखाने की कोशिश की जाती थी।’ मुरादनगर के जलालपुर गांव निवासी अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह ने कहा कि उनका भतीजा डॉ. चंद्रशेखर आत्महत्या नहीं कर सकता है, उसके खिलाफ कोई साजिश की गई है।
...तब एचओडी से तंग आकर दे दिया था इस्तीफा
डॉ. नीता का कहना है कि एचओडी आरती बख्शी से तंग आकर चंद्रशेखर ने एक बार इस्तीफा तक दे दिया था। तब वीसी ने इस्तीफा फाड़ते हुए कहा था, ‘ऐसी छोटी-मोटी बातों को लेकर इस्तीफा नहीं देते।’