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खौफनाक कहानी: प्रेमी बिल्डर ने कहा था... तुम्हारी गोली न चले तो मेरी पिस्टल से चला देना, ऐसे खुला महिला प्रोफेसर का राज

Tue, 22 Mar 2022 07:47 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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डीन प्रोफेसर राजबीर सिंह व जानलेवा हमले के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में प्रोफेसर राजवीर सिंह की हत्या कराने की खौफनाक साजिश महिला प्रोफेसर आरती और उसके बिल्डर दोस्त अनिल ने तैयार की थी। जिस वक्त भाड़े के शूटर डीन पर विश्वविद्यालय के पास गोलियां बरसा रहे थे, तब प्रोफेसर आरती अपने बिल्डर दोस्त अनिल के साथ शॉप्रिक्स मॉल में शॉपिंग कर रही थी। ये भी प्लानिंग का हिस्सा था, ताकि पुलिस को उन पर शक न हो। 

वेटरनरी डीन डॉ. राजवीर सिंह की हत्या करने की प्लानिंग चार मार्च को मुनेंद्र बाना के घर में बनाई गई। सात मार्च को अनिल ने मुनेंद्र बाना की स्कॉर्पियो में शूटर आशु चड्ढा व नदीम को बैठाकर विश्वविद्यालय से डीन के घर डिफेंस एंक्लेव स्थित घर तक की पूरी जानकारी दी।
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murder in meerut - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद 11 अप्रैल को शाम करीब 5:30 बजे हमले की साजिश रची। वारदात से पहले बिल्डर अनिल ने प्रोफेसर आरती को व्हाट्सएप कॉल करके अपने पास बुला लिया था। करीब 3:30 बजे अनिल और आरती शॉपिंग करने के बहाने फ्लैट से निकल गए। ये दोनों की योजना का हिस्सा था ताकि उन पर किसी को शक न हो। शॉप्रिक्स मॉल में घूमने के बाद आरती और अनिल सदर बाजार में पहुंचे और फिर करीब 8:30 बजे फ्लैट पर लौटे। दोनों ने तय किया था कि अब वह न तो कॉल करेंगे और न ही मिलेंगे। 
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meerut news - फोटो : अमर उजाला

तुम्हारी गोली न चले तो मेरी पिस्टल से चला देना

बिल्डर अनिल ने शूटरों को पांच लाख रुपये की सुपारी दी। इसमें से चार लाख रुपये एडवांस दिए गए। सुपारी देते समय बिल्डर अनिल ने अपनी लाइसेंस पिस्टल शूटर आशु को देते हुए कहा था कि अगर किसी वजह से तुम्हारी पिस्टल नहीं चले तो मेरी पिस्टल से गोली चला देना। अच्छी पिस्टल है और इसकी मार भी लंबी है। अनिल ने नौ मैग्जीन, 63 कारतूस भी आशु को दिए। आशु ने बताया कि उसने डीन पर 12 गोलियां चलाईं और उसके दोस्त नदीम ने आठ गोलियां चलाई थी। पुलिस ने अनिल की पिस्टल भी बरामद की है।

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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

बिल्डर की बेटी को विवि में नौकरी का दिया था लालच 

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी अनिल ने बताया कि आरती से उसके प्रेम संबंध है। इसकी जानकारी लगने पर उसकी पत्नी 2019 में उसे छोड़कर सिसौली गांव चली गई थी। बड़ा बेटा बेंगलुरु में नौकरी करता है और छोटा बेटा देहरादून में पढ़ाई कर रहा है। बेटी कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ रही है। महिला प्रोफेसर आरती कहती थी कि डीन बनने के बाद वह उसकी बेटी की विश्वविद्यालय में ही नौकरी लगवा देगी। इसी लालच में उसने आरती के साथ मिलकर ये साजिश रची।
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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

विश्वविद्यालय से 22 मार्च तक अवकाश पर है प्रोफेसर भटेले

सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डीन प्रोफेसर राजबीर सिंह पर जानलेवा हमले में वेटरनरी कॉलेज की प्रोफेसर आरती भटेले का नाम आने के बाद विश्वविद्यालय में सब हैरत में हैं। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार आरती भटेले 22 मार्च तक अवकाश पर है।
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एसएसपी ने किया खुलासा। - फोटो : amar ujala
आरती भटेले मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर में सागर रोड पर स्थित शांति नगर की रहने वाली है। वर्ष 2014 में 20 जनवरी को आरती भटेले ने कृषि विवि के वेटनरी कॉलेज में पैथोलॉजी डिपार्टमेंट में ज्वॉइन किया था। प्रोफेसर राजबीर सिंह वर्ष विश्वविद्यालय में 2008 से डीन वेटनरी हैं। आरती भटेले खुद को सीनियर बता रही थी। उन्होंने इस मामले में राजभवन में भी शिकायत की थी। कई सालों से खींचतान चली आ रही थी। दोनों के बीच में बोलचाल भी कम थी। आरती भटेले का मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
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मेरठ में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा। - फोटो : amar ujala

कुलपति से मिले एसएसपी

प्रेस कांफ्रेस के बाद एसएसपी प्रभाकर चौधरी और एसपी क्राइम कृषि विवि में पहुंचे और वहां पर कुलपति डॉ. आरके मित्तल और रजिस्ट्रार से मुलाकात कर इस घटना के बारे में जानकारी दी।
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