फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाई प्रोफाइल केस: प्रोफेसर आरती भटेले को लेकर सामने आया ये बड़ा सच, प्रेमी बिल्डर से व्हाट्सएप पर होती थी बात, अब खुल गए सभी राज

Tue, 22 Mar 2022 06:01 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विज्ञापन
1 of 7
प्रोफेसर अरती भटेले। - फोटो : amar ujala
आठ साल से अनिल बालियान और आरती भटेले का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों व्हाट्सएप पर बात करते थे, ताकि कॉल डिटेल न निकले। अनिल के परिजनों को इसकी जानकारी थी, जिसके चलते दंपती में दरार आ गई थी। इसके बावजूद अनिल अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। पत्नी गांव चली गई और दोनों बेटे बाहर चले गए। बेटी हॉस्टल में रहने लगी। अनिल फ्लैट में अकेले रहने लगा। आरती भटेले का अपने पति से विवाद चल रहा था। उनकी कोई संतान नहीं है। वह भी अकेले रहती थी। 

सन 2014 में अनिल बालियान अपनी बेटी का एडमिशन कराने के लिए कृषि विश्वविद्यालय में गया था। जहां उसकी मुलाकात प्रोफेसर आरती भटेले से हुई थी। आरती भटेले भी सन 2014 में ही जबलपुर से कृषि विश्वविद्यालय में आई थी। इस दौरान दोनों के बीच दोस्ती हो गई है और फिर प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया।
विज्ञापन

2 of 7
तीन आरोपी गिरफ्तार और प्रोफेसर आरती भटेले का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
इसके बाद दोनों का मिलना, बाजारों में घूमना और शॉर्पिंग करना अनिल के परिजनों का पता लगा। जिस पर परिजनों ने आपत्ति जताई। दो-चार बार घर में झगड़े भी हुए। इसके बावजूद भी अनिल ने आरती से मिलना बंद नहीं किया। दोनों बेटे बाहर गए तो पत्नी भी अनिल को छोड़कर अपने गांव सिसौली मुजफ्फरनगर में चली गई। आरती अक्सर अनिल से मिलने उसके फ्लैट पर ही जाती थी। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को थी। विश्वविद्यालय में अनिल का आना-जाना था। दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा है, इसकी जानकारी विवि के शिक्षकों को भी थी।
विज्ञापन

3 of 7
मेरठ में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा। - फोटो : amar ujala
बेटी के दाखिले के सिलसिले में हुई महिला प्रोफेसर से दोस्ती
कप्तान के मुताबिक आरोपी अनिल बालियान ने पूछताछ में बताया कि वह पेशे से बिल्डर है। वर्ष 2014 में अनिल अपनी बेटी आकांक्षा का एडमिशन बीएससी एग्रीकल्चर में सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मे कराने गया था। तभी उसकी मुलाकात प्रोफेसर डॉक्टर आरती भटेले से हो गई थी। 

4 of 7
रुपये भी बरामद। - फोटो : amar ujala
इसके बाद डॉ. आरती और बिल्डर अनिल बालियान के बीच दोस्ती हो गई और फिर प्रेम-प्रसंग हो गया। प्रोफेसर आरती वेटरनरी कॉलेज की डीन बनना चाहती थी। इसी के चलते आरती और बिल्डर अनिल ने डीन वेटरनरी के प्रोफेसर राजवीर सिंह की हत्या की योजना बना ली।
विज्ञापन

5 of 7
हथियार बरामद। - फोटो : amar ujala
महिला प्रोफेसर और प्रेमी बिल्डर ने दी थी डीन की हत्या की सुपारी 
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वेटरनरी कॉलेज के डीन प्रोफेसर राजबीर सिंह पर जानलेवा हमले के मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर बताया कि विश्वविद्यालय की प्रोफेसर आरती भटेले और उसके प्रेमी बिल्डर अनिल बालियान ने कुख्यात उधम सिंह के शूटर आशु चड्ढा को डीन की हत्या करने के लिए पांच लाख की सुपारी दी थी। पुलिस ने बिल्डर, शूटर और हत्या की योजना में शामिल मुनेंद्र प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। महिला प्रोफेसर और दूसरे शूटर नदीम की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। 
विज्ञापन

6 of 7
हथियार बरामद। - फोटो : amar ujala
डीन को मारी थीं आठ गोलियां
मूल रूप से बागपत के हेवा गांव निवासी डीन वेटरनरी प्रोफेसर राजबीर सिंह 11 मार्च को कृषि विश्वविद्यालय से कंकरखेड़ा में डिफेंस एंक्लेव स्थित अपने घर जा रहे थे। मोदीपुरम स्थित पबरसा मोड़ बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थी। डीन को आठ गोलियां लगी थीं और तभी से वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
एसएसपी ने किया खुलासा। - फोटो : amar ujala
एसएसपी ने बताया कि दौराला पुलिस और एसओजी की टीम ने रविवार रात इस मामले में अंकित बालियान निवासी सिसौली, भौराकलां मुजफ्फरनगर (हाल पता मोदीपुरम), मुनेंद्र बाना निवासी चितोली हाफिजपुर हापुड़ (हाल पता श्रद्धापुरी कंकरखेड़ा) और आशु चड्ढा उर्फ मोंटी चड्ढा निवासी मीरपुर कला हाफिजपुर हापुड़ को गिरफ्तार कर लिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें