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धर्मांतरण: मौलाना कलीम ने रिमांड पर खोले अहम राज, एटीएस ने अब मेरठ के लावड़ से युवक को उठाया

Mon, 27 Sep 2021 03:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मौलाना कलीम सिद्दीकी - फोटो : अमर उजाला
एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को रिमांड पर लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी जुटा ली है। आठ साल पहले खतौली में धर्मांतरण के मामले में मौलाना के खिलाफ लावड़ का सौरभ गुप्ता गवाही दे सकता है। एटीएस सौरभ को अपने साथ लेकर गई है। आठ साल पहले सौरभ और उसके एक साथी का धर्मांतरण कराए जाने की जानकारी सुरक्षा एजेंसी को मिली है, जिसकी पड़ताल की जा रही है। अवैध धर्मांतरण और विदेश से फंडिंग लेने के मामले में फुलत के मौलाना कलीम सिद्दीकी को चार दिन पहले एटीएस ने गिरफ्तार किया था।
 
जांच पड़ताल में कई सुबूत मौलाना के खिलाफ एटीएस को मिले हैं। एटीएस ने 10 दिन की रिमांड पर मौलाना कलीम को लिया हुआ है। रविवार को एटीएस की टीम लावड़ से सौरभ गुप्ता नाम के युवक को ले गई। वहीं कहा जा रहा है कि जिस तरह से मौलाना कलीम सिद्दीकी रिमांड पर राज खोल रहा है, इससे उसके करीबियों में खलबली मची हुई है। लिसाड़ीगेट, कोतवाली, नौचंदी और किठौर इलाके में कई लोग सुरक्षा एजेंसी के टारगेट पर है। रिमांड के दौरान एटीएस मौलाना को मेरठ भी ला सकती है।
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मौलाना कलीम सिद्दीकी का मदरसा - फोटो : अमर उजाला
बताया गया है कि एक लड़की से मेरठ के लावड़ निवासी सौरभ गुप्ता का प्रेम-प्रसंग हो गया था। जिसके बाद खतौली में सौरभ गुप्ता और उसके एक साथी का धर्मांतरण कराया गया था। मामले ने तूल पकड़ा तो उसने वापस हिंदू धर्म अपना लिया था। सुरक्षा एजेंसी को जानकारी मिली है कि सौरभ का धर्मांतरण मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कराया था। वह एक जनप्रतिनिधि से भी मिले थे और खतौली थाने में जानकारी दी थी। एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव ने कहा कि खतौली प्रकरण की जानकारी मिली है, लेकिन कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।

 
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धर्मांतरण का मामला: मौलाना कलीम सिद्दीकी का मदरसा - फोटो : अमर उजाला
धर्मांतरण के शिकार बन सकते हैं गवाह
जिन गैर मुस्लिम लोगों का धर्मांतरण हुआ, उनका पता लगाने के लिए एटीएस लगी हुई है। मौलाना से इसके बारे में काफी पूछताछ की गई है। मेरठ जोन में धर्मांतरण के नए कानून के तहत 9 मुकदमे दर्ज हुए। जिसमें तीन मुकदमे मेरठ में मुंडाली, सरधना और कंकरखेड़ा थाने में लिखे हैं। इन सब मुकदमों के बारे में एटीएस ने जानकारी लेकर धर्मांतरण के शिकार हुए लोगों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

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मौलाना कलीम सिद्दीकी का मदरसा - फोटो : अमर उजाला
मौलाना कलीम सिद्दीकी एटीएस की रिमांड पर रोज नए राज खोल रहा है। जिसके चलते उसके करीबियों में खलबली मची हुई है। लिसाड़ीगेट, कोतवाली, नौचंदी और किठौर इलाके में कई लोग सुरक्षा एजेंसी के टारगेट पर हैं। यह भी कहा जा रहा है कि रिमांड के दौरान एटीएस मौलाना को मेरठ भी ला सकती है।

खतौली थाना क्षेत्र के फुलत गांव निवासी मौलाना कलीम की गिरफ्तारी के बाद उसके करीबी हाफिज इदरीश को भी सुरक्षा एजेंसी ने पकड़ा है। वहीं कलीम को एटीएस ने 10 दिन की रिमांड पर लिया हुआ है। जिसकी निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसी अलग-अलग जगह पर जाकर जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसी की नजर मेरठ पर भी है। जिसमें लिसाड़ीगेट, कोतवाली, नौचंदी और किठौर इलाके में खासतौर पर निगरानी हो रही है।
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मौलाना कलीम सिद्दीकी - फोटो : अमर उजाला
रिमांड पर कलीम कई राज खोल रहा है। जिसको लेकर उसके करीबियों में खलबली मची हुई है। कलीम और इदरीश के बाद कई लोगों का नाम सामने आए हैं। जिसकी बारीकी से गोपनीय जांच सुरक्षा एजेंसी कर रही है। रिमांड के दौरान एटीएस मौलाना कलीम को मेरठ भी ला सकती है। क्योंकि उसकी गिरफ्तारी भी एटीएस ने मेरठ से ही थी।

मौलाना की गिरफ्तारी के बाद से सुरक्षा एजेंसियों ने वेस्ट यूपी में डेरा डाला हुआ है। मौलाना ने कहां-कहां पर इबादत का पाठ पढ़ाने की आड़ में गैर मुस्लिम लोगों का धर्मांतरण कराया है। इसकी भी जांच चल रही है।
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शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन - फोटो : amar ujala
इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन की कोई जगह नहीं : शहरकाजी
मेरठ में शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने धर्मांतरण मामले को लेकर अपनी राय बयां की है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोई जगह नहीं है।  धर्मांतरण कराने का लालच देकर धर्म की अच्छाई बताना भी जायज नहीं है। अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार संविधान हमें देता है। इसमें सभी धर्म के गुरु अपने अपने धर्म की अच्छाई बताते हुए उपदेश देते हैं।ऐसे में किसी भी धर्म का आदमी किसी धर्म को पसंद करने लगे तो कौन सा गलत काम है।
 
कहा कि संविधान हर बालिग को अपने धर्म को बदलने और स्वतंत्रता से जीने का अधिकार देता है। चाहे इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समाज के लोग हों। उन्होंने कहा कि आज मुस्लिम लोग हिंदू धर्म अपना लें तो उनका स्वागत होता है, लेकिन जब हिंदू लोग मुस्लिम धर्म अपना लें तो धर्मांतरण हो जाता है। देश में धर्मांतरण कानून सिर्फ एक ही समाज के लिए बना है। ये सभी धर्म के लोगों पर लागू होना चाहिए। एक देश तो कानून एक होना चाहिए। मौलाना कलीम सिद्दीकी को लेकर कहा कि कानून का जवाब कानून से ही दिया जा रहा है। उन्होंने न्यायालय पर पूरा भरोसा है।
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