शहीद मेजर मयंक विश्नोई
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पांचवें प्रयास में हुआ एनडीए में सेलेक्शन
मयंक एनडीए की परीक्षा तो पास कर लेते थे, लेकिन इंटरव्यू में रह जाते थे। मित्र दिशांत ने बताया कि पांचवें प्रयास में मयंक को सफलता प्राप्त हुई। पिता रिटायर्ड सूबेदार वीरेंद्र विश्नोई को मयंक अपना प्रेरणास्त्रोत मानते थे।
पिता एमए इकनॉमिक्स में 1978 में गोल्ड मेडलिस्ट रहे। बचपन से ही मयंक की सेना में जाने की इच्छा थी। मयंक के जज्बे को देखकर उसका मित्र अमन भी उन्हीं की राह पर चल पड़ा। तीनों दोस्त रनिंग, लांग जंप, हाई जंप आदि की छावनी क्षेत्र में प्रेक्टिस किया करते थे।