उत्तर प्रदेश के बिजनौर में कालागढ़ के जंगलों में सांपों की अद्भुत दुनिया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में दुर्लभ और किंग कोबरा जैसे विषधर सांप मौजूद हैं। सांपों के संरक्षण के लिए कार्बेट टाइगर रिजर्व अलग से सेंक्चुअरी बनाने पर विचार कर रहा है। बता दें कि बरसात के दौरान जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आपरेशन मानसून चलाया जा रहा है। यह अभियान विभाग के लिए काफी खतरनाक होता है। पर्वतों पर हो रही बारिश के कारण मौसमी नदी, नाले पानी से लबालब हैं। वहीं वनों में गश्ती दलों के लिए नदी व नालों की गश्त काफी महत्व रखती है। वहीं बरसात के मौसम में वनों में घास व जहरीले कीट पनपने लगते हैं। जंगल में जहरीले सांपों का भी विशेष खतरा रहता है।
बारिश के बाद जहां जंगल हरा भरा हो गया है वहीं विभिन्न प्रकार के सांप भी यहां डेरा जमाए हुए हैं। इन दिनों कार्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ के वनों में आजकल अनेक प्रकार के सांपों के दर्शन हो रहे हैं। विशालकाय अजगर, बर्मीज पाइथन, कोबरा, किंग कोबरा, फास्टन कैट स्नेक, वाइपर, करैत आदि का मिलना आम बात है। पद्म सांप, येलो हैडेड वाइपर, अंडाहारी जैसे सांप आम हो रहे हैं, जबकि अंडाहारी सांप तो लुप्त होने के कगार पर आ गया है।