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हत्या: कलाई पर राखी बंधवाकर जिसे दिया रक्षा का वचन, जरा सी बात पर उसी बहन के सीने में उतारी ताबड़तोड़ गोलियां

Tue, 15 Dec 2020 01:03 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आरोपी भाई दाएं - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के गंगानगर में रहने वाली 25 वर्षीय पारुल ने शायद ही यह कभी सोचा होगा कि वह रक्षाबंधन पर हर साल जिस भाई की कलाई पर राखी बांधकर उससे रक्षा का वचन लेती है वही भाई एक दिन उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। सोमवार रात कुत्तों की रोटी न बनाने के मामूली विवाद के बाद उसके भाई ने उसे बेरहमी से मार डाला। आगे पढ़ें, आखिर कैसे कुत्तों के लिए हुआ रिश्तों का कत्ल

 
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युवती का घर - फोटो : अमर उजाला
गंगानगर स्थित कैलाश वाटिका में कुत्तों के लिए रोटी न बनाने  के मामूली विवाद में एक युवक ने बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी भाई ने खुद ही पुलिस को सूचना देकर आत्मसमर्पण कर दिया।


 
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आरोपी भाई - फोटो : अमर उजाला
कैलाश वाटिका में आशीष पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह कंस्ट्रक्शन के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करता है। आशीष कुत्ते भी पालता है। पुलिस के अनुसार आशीष ने अपनी बहन पारुल (25) से कुत्तों की रोटी बनाने के लिए कहा, जिस पर पारुल ने इंकार कर दिया। इस बात पर भाई-बहन में विवाद हो गया।

 

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आरोपी भाई व उसका घर - फोटो : अमर उजाला
विवाद के चलते आशीष ने पिस्टल से बहन पारुल को पहले सिर में और दूसरी सीने में गोली मार दी। पारुल की मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर पारुल की मां व आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे, वहां देखा तो पारुल का शव जमीन पर पड़ा था।

 
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आरोपी भाई व विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बहन पारुल की हत्या का आशीष को पछतावा नहीं था। वह वारदात करने के बाद भी हंसता रहा। पुलिस के अनुसार आशीष ने 18 देसी कुत्ते पाल रखे थे, जिनको दोनों समय खाना खिलाता था। उन्हीं कुत्तों के लिए खाना न बनाने को लेकर हैवान बने आशीष ने बहन को मार डाला।
 
 
 
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parul murder case, murder - फोटो : अमर उजाला
इस वारदात के बाद आशीष की मां बेहोश हो गई। स्थानीय लोगों ने मां को निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया। देर रात आशीष के खिलाफ योगेंद्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ।
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एसएसपी अजय साहनी - फोटो : अमर उजाला
दोस्त से खरीदा था तमंचा
इंस्पेक्टर भावनपुर रघुराज सिंह का कहना है कि आशीष ने पांच साल पहले अपने दोस्त से तमंचा खरीदना बताया। सवाल है कि आशीष मानसिक रोगी था तो उसके परिजनों ने उसके पास से तमंचा क्यों नहीं लिया। वारदात के बाद पुलिस ने तमंचा बरामद किया है। युवती पारुल का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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