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गंगा घाट पर बसने लगी तंबुओं की नगरी, कार्तिक पूर्णिमा मेला शुरू, देखें शानदार तस्वीरें

Sat, 09 Nov 2019 05:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह भाजपा नेता मुख्य गुर्जर - फोटो : अमर उजाला
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करने का बहुत पुण्य है। इस अवसर पर डुबकी लगाने से दुखों से छुटकारा मिलता है। यह धारणा सदियों से चली आ रही है। इसलिए मखदूमपुर स्थित गंगा घाट पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। वहीं,  शनिवार को मेले में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले इस गंगा स्नान मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह भाजपा नेता मुख्य गुर्जर ने किया। मेले में घाट से लेकर पेयजल एवं प्रकाश आदि की व्यवस्था की जा रही है। मेला पॉलीथिन मुक्त रखा जाएगा। मेले में दुकानदारों ने भी दुकानें सजा ली हैं। 
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खास तरह की बुग्गी से मेले में पहुंच रहे श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
मेले का बजट 40 लाख
जिला पंचायत द्वारा मखदूमपुर मेले का बजट 40 लाख रुपये तय किया गया है। हालांकि इस बार मेला चार दिन लगेगा। इसके बावजूद श्रद्धालु उत्साह के साथ मेले की तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने परिवार समेत अपने निजी साधनों से मेले की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। जिसके चलते उनमें जल्दी पहुंचने की होड़ लगी है।
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मेले में लगी लाइट्स - फोटो : अमर उजाला
सड़क व प्रकाश व्यवस्था
मेले का शनिवार से शुभारंभ हो जाएगा। इसके चलते सड़क निर्माण, प्रकाश और सफाई की व्यवस्था तेजी से की जा रही है। हालांकि मखदूमपुर से लेकर लगभग ढाई किमी. क्षेत्र में लाइट की व्यवस्था जानी है। इससे रात तक मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। 

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गंगा किनारे चूल्हा जलाती महिला - फोटो : अमर उजाला
गंगा में डुबकी, घाट पर खाना-पकाना
मेले के दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर गंगा में डुबकी लगाएंगे। वहीं कुछ श्रद्धालु अपने साथ राशन चूल्हा चौका लेकर पहुंचते हैं और गंगा किनारे ही भोजन पकाया जाता है। जिला पंचायत के ठेकेदार रविंद्र ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 16 गोताखोर एवं आठ नाव की व्यवस्था की गई है। गोताखोर 8-8 करके दिन-रात में ड्यूटी करेंगे। 
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गंगा किनारे पड़े हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
250 हैंडपंप की व्यवस्था
जिला पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं के लिए मेलेे में लगभग 250 हैंडपंप लगाए जाने हैं। इनमें से काफी लगाए जा चुके हैं। इनके अतिरिक्त महिलाओं के लिए स्नान गृह भी बनाए जा रहे हैं। जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पडे़।  
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घाट पर खड़ी बुग्गी - फोटो : अमर उजाला
गंगा का कटान रोकने के पुख्ता इंतजाम
गंगा द्वारा कटान जारी है। जिससे मेले के चलते सतर्कता बरती गई है। इसके लिए एसडीएम ने मेला ठेकेदार तथा जिला पंचायत अधिकारियों को कटान वाले स्थान पर टिन शेड आदि लगाकर बैरिकेड करने का आदेश दिया है। जिससे किसी तरह का हादसा न हो सके। 
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बैलों को सजाकर मेले में जाते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में जाने वाले स्नानार्थियों का सैलाब उमड़ने लगा है। मेरठ-गढ़ मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, भैंसा-बुग्गी आदि वाहन दिखाई देने लगे हैं। गढ़मुक्तेश्वर का कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा एवं विख्यात मेले में से एक है।

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गंगा किनारे श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए लगाए गए तंबू - फोटो : अमर उजाला
कार्तिक महीना भगवान कार्तिकेय द्वारा की गई साधना का माह माना जाता है। इसी कारण इसका नाम कार्तिक पड़ा। नारद पुराण के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर संपूर्ण सद्गुणों की प्राप्ति एवं शत्रुओं पर विजय पाने के लिए कार्तिकेय जी के दर्शन करने का विधान है। पूर्णिमा को स्नान अर्घ्य, तर्पण, जप-तप, पूजन, कीर्तन एवं दान-पुण्य करने से स्वयं भगवान विष्णु पापों से मुक्त करके जीव को शुद्ध कर देते हैं। 
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गंगा मेले में लगे तंबू - फोटो : अमर उजाला
गंगा कटान एवं जल स्तर के कारण घाट की लंबाई कम की गई है। हालांकि मेला लंबाई में काफी दूर तक लगा है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पर्याप्त जगह है। -कुलविंदर सिह, जिला पंचायत अध्यक्ष
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