गंगा किनारे श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए लगाए गए तंबू
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कार्तिक महीना भगवान कार्तिकेय द्वारा की गई साधना का माह माना जाता है। इसी कारण इसका नाम कार्तिक पड़ा। नारद पुराण के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर संपूर्ण सद्गुणों की प्राप्ति एवं शत्रुओं पर विजय पाने के लिए कार्तिकेय जी के दर्शन करने का विधान है। पूर्णिमा को स्नान अर्घ्य, तर्पण, जप-तप, पूजन, कीर्तन एवं दान-पुण्य करने से स्वयं भगवान विष्णु पापों से मुक्त करके जीव को शुद्ध कर देते हैं।