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यूपी: मुस्लिम शिवभक्त ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, देखें कांवड़ यात्रा के अद्भुत नजारे

Mon, 29 Jul 2019 05:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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कांवड़ लेकर आया मुस्लिम युवक - फोटो : अमर उजाला
श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा में अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां एक मुस्लिम युवक ने साम्प्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश की है। बागपत के रंछाड़ गांव का रहने वाला मुस्लिम युवक बाबू खान हरिद्वार से कांवड़ लेकर आया है। वहीं उनके इस फैसले की खूब सराहना की जा रही है तथा वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। उनका कहना है कि सब धर्म को एक धर्म मानकर पहली बार साल 2018 में शिव की कांवड़ उठाई थी। इस साल जोड़ा बनाने के लिए पार्वती के नाम से कांवड़ उठाई है। उनका कहना है कि वह भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए कांवड़ ला रहे हैं।  
 
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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
भाईचारे का संदेश दें रहे प्रधान जरीफ और डॉ.बाबू खान  
कांवड़ यात्रा में एक तरफ बागपत के दाहा निवासी डॉ. बाबू खां शिवभक्तों के पैरों में दवा लगाकर पुण्य लाभ कमा रहे हैं। दूसरी और बरनावा के जरीफ प्रधान रोड पर खड़े होकर साथियों के साथ फलों का वितरण कर रहे है। इनके कार्यों की हर कोई सराहना कर रहा है। शिवभक्तों की सेवा में लगे हिंदू समाज के लोगों के साथ ही कई मुस्लिम भी सेवा कर आपसी सद्भाव और मानवता का संदेश दे रहे हैं। 

बड़ौत रोड स्थित नैथला मोड़ के पास लगे शिविर में डॉ. बाबू खान निरंतर कई दिनों से कांवड़ियों की सेवा में लगे हुए है। सुबह पांच बजे शिविर में पहुंच जाते है और रात के 12 बजे तक रहते हैं। पैरों में छाले और चोट लगने पर पट्टी करते हैं। अन्य दिक्कत नजर आए तो उसका उपचार भी करते हैं। 
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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
101 साल की बूढ़ी मां को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से लाए गंगाजल
नोएड़ा के सेक्टर 10 निवासी सीताराम अपनी 101 साल की मां बासो देवी को अपने पविार के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर नोएड़ा जा रहे हैं। शाम के समय वह मोदीपुरम पहुंचे। सीताराम ने बताया कि वह पिछले साल भी अपनी मां के साथ कांवड़ लेकर आए थे। बासो देवी के बेटे के अलावा उनके पोते भी कंधे पर लेकर जा रहे हैं। 

श्रवण कुमार की तरह वह कांवड़ लेकर जा रहे हैं। एक ओर मां को बैठा रखा है और दूसरी और शिवलिंग रखा हुआ है। सीताराम ने बताया कि मां की इच्छा थी कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान शिव की शिवलिंग पर जल चढ़ाए। कांवड़ जब मोदीपुरम पहुंची तो उसे देखने के लिए आसपास के लोग जुट गए। 

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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
दादी को कांवड़ में बैठाकर लाए बागपत के बेटे  
बागपत जिले के कुरड़ी गांव निवासी अंकित और सुमित खेती करते हैं। उनकी इच्छा थी कि वे अपनी दादी को हरिद्वार में गंगास्नान करके कांवड़ के साथ में पैदल यात्रा करके घर लेकर आए। दोनों भाई ने अपनी दादी रूपो (85) को हरिद्वार में गंगा स्नान कराया। कांवड़ के एक तरफ अपनी दादी और दूसरे कंधे पर स्टील के दो कलशों में गंगाजल भर कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े। बताया कि वह कुरड़ी गांव के शिवालय में शिवरात्रि पर जलाभिषेक करेंगे।
 
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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
तोता और कबूतर लाए कांवड़
पिलखुआ रामपुरी निवासी पवन और राहुल सागर अपने कबूतर और तोते को हरिद्वार हर की पौड़ी के दर्शन कराकर लाए। पवन ने बताया कि वह अपने तोते को ‘हर हर महादेव’ कहना सिखा रहा है। इसके लिए वह उसे खाना से पूर्व नियमित रूप से हर हर महादेव की ट्रेनिंग देता है। हालांकि ‘हेलो’ आदि कुछ शब्द उसका तोता बोल लेता है।  
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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
गर्भवती पत्नी के लिए हरिद्वार से कंधो पर लेकर आया 81 लीटर गंगा जल
बागपत के ही बिनौली निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी सूरज वर्मा हरिद्वार से पवित्र 81 लीटर गंगाजल लेकर बरनावा पहुंचा। उसने बताया कि वह भोले का भक्त है। उसकी पत्नी पांच माह की गर्भवती है। उसकी इच्छा है कि पत्नी का प्रसव सामान्य हो। इसी इच्छा के साथ वह 81 लीटर जल से पुरा महादेव पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेगा।
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