फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच दोस्तों की मौत... हादसों की वजह बन रही ये बड़ी लापरवाही, कब पास होंगे अफसरों के दावे

Sun, 10 Nov 2019 02:31 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 5
हादसे में मारे गए युवकों के फाइल फोटो व क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
एक नवंबर को पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने यातायात माह का शुभारंभ किया तो लगा कि इस बार सड़क हादसे रोकने पर गंभीरता से काम होगा। लेकिन गंगनहर पटरी पर शुक्रवार देर रात पांच युवा इंजीनियरों की मौत ने यातायात प्रबंधन की कलई खोलकर रख दी है। एनएच-58 के बाद गंगनहर पटरी मार्ग पर सबसे अधिक हादसे होते हैं। यहां हादसे रोकने के लिए हाईट गेज लगवाए गए थे, जो 24 घंटे भी नहीं टिक पाए थे। इसी लापरवाही से पांच युवकों की जान चली गई।
विज्ञापन

2 of 5
हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
गंगनहर पटरी मार्ग पर न तो कभी रात के लिए भारी वाहन रोके गए और न ही दूसरे जिलों से आने वाले छोटे वाहनों को रोका गया। कभी गंगनहर में वाहन समा जाते हैं तो कभी हादसे में जान चली जाती है। कांवड़ मार्ग पटरी पर भारी वाहनों को रोकने के लिये पूर्व में हाईट गेज लगवाए गए। लेकिन पुलिस की मिलीभगत कहें या बड़ी लापरवाही कि भारी वाहनों द्वारा ये हाईट गेज तोड़ने के बाद से न तो सही कराए गए और न ही हादसों पर रोक लगाने के लिए कई बार की गई मांग पर हाईट गेज लगवाए गए। जिस पर भारी वाहन इस पटरी मार्ग पर धड़ल्ले से दौड़ना शुरू हो गए थे। इस मार्ग पर नहर में वाहनों के गिरने से कई जान भी जा चुकी हैं। यदि यहां भारी वाहनों को रोकने के लिए हाईट गेट लगवाए गए होते तो ट्रक द्वारा कार में मारी गई टक्कर से पांच युवा इंजीनियरों की जान न जाती।
विज्ञापन

बस चालान तक सिमटी जिम्मेदारी

3 of 5
हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
जिले में एक जनवरी 2019 से 15 अक्तूबर 2019 तक 768 दुघर्टनाएं हुई। जिनमें 332 व्यक्तियों की मौत हुई। जबकि 521 व्यक्ति घायल हुए। इनमें 16 वर्ष से 30 वर्ष की आयु के युवाओं की मौत की संख्या सबसे अधिक है। एक नवंबर से पांच नवंबर की शाम तक ट्रैफिक पुलिस ने 1780 वाहनों के चालान किए। 1971 वाहनों के ई-चालान किए गए। इनमें 883 दोपहिया वाहनों के चालान बिना हेलमेट के कारण किए गए। यातायात माह के आठ दिनों में ट्रैफिक पुलिस पांच हजार से अधिक वाहनों के चालान काट चुकी है, और उसकी जिम्मेदारी केवल चालान काटने तक सिमटी है।

यह भी पढ़ें: पल भर में उजड़ गईं हंसते खेलते परिवारों की खुशियां, दो एसडीओ की मौत से मचा कोहराम, मां बेहोश

परिजनों में मचा कोहराम

4 of 5
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार और ट्रक - फोटो : अमर उजाला
ट्रक की टक्कर से रिट्ज कार के परखचे उड़ गए थे। पांचों दोस्त कार में बुरी तरह फंसकर दम तोड़ चुके थे। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो गैस कटर के अलावा हथोड़ों से भी कार की खिड़की तोड़ने की काफी मशक्कत की। पुलिस ने मोबाइल फोन और कार में मिले आईकार्ड व अन्य आईडी से पांचों युवकों की पहचान की। सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सीओ दौराला पंकज सिंह के अनुसार हरियाणा निवासी कैलाश चंद के भाई संदीप की तहरीर पर केस दर्ज कर ट्रक को कब्जे में ले लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
परिजनों ने तहरीर दी - फोटो : अमर उजाला
गंगनहर पटरी मार्ग पर ये हों इंतजाम
- सुरक्षा व्यवस्था के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाए
- नहर किनारों पर मजबूत अवरोधक बनाए जाएं
- पथ प्रकाश की आवश्यक व्यवस्था हो
- हर मोड़ पर रिफ्लेक्टर बोर्ड लगाए जाएं
- पुलों पर हाईट गेज लगाए जाने चाहिए
- थोड़ी-थोड़ी दूरी पर स्पीड ब्रेकर बनने चाहिए
- पुलिस द्वारा बैरियर लगाकर चेकिंग की जाए

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें