एक नवंबर को पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने यातायात माह का शुभारंभ किया तो लगा कि इस बार सड़क हादसे रोकने पर गंभीरता से काम होगा। लेकिन गंगनहर पटरी पर शुक्रवार देर रात पांच युवा इंजीनियरों की मौत ने यातायात प्रबंधन की कलई खोलकर रख दी है। एनएच-58 के बाद गंगनहर पटरी मार्ग पर सबसे अधिक हादसे होते हैं। यहां हादसे रोकने के लिए हाईट गेज लगवाए गए थे, जो 24 घंटे भी नहीं टिक पाए थे। इसी लापरवाही से पांच युवकों की जान चली गई।