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Meerut: लिसाड़ी गेट में मकान से पटाखों का जखीरा बरामद, तहखाने में मिला बारूद, धमाके से दहला था इलाका

Tue, 28 Jun 2022 05:16 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

लिसाड़ी गेट निवासी इंतजार के मकान में सोमवार को पटाखे व आतिशाबजी के सामान में आग लगने से धमाका हुआ, जिसमें तीन मकानों के लिंटर गिर गए और परिवार दब गए। इसमें एक महिला समेत दो की मौत हो गई व 11 लोग घायल हो गए।
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लिसाड़ीगेट में मिला बारूद - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के लिसाड़ी गेट के समर गार्डन में सोमवार को विस्फोट में महिला की मौत का मामला ठंडा हुआ नहीं कि मंगलवार को पुलिस ने भारी मात्रा में पटाखों का जखीरा पकड़ा है। पुलिस के अनुसार यह जखीरा इंतजार अली के रिश्तेदार के घर से बरामद हुआ है। यहां तहखाने में प्लास्टिक के बोरों में पटाखे और वॉटर टैंक में बारूद मिला है। समर गार्डन में इंतजार अली के घर में ही सोमवार को विस्फोट हुआ था। लिसाड़ी गेट पुलिस मामले की छानबीन करने में लगी हुई है। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि सोमवार को पटाखों के जखीरे में ही विस्फोट हुआ था। काफी मात्रा में बागपत से पटाखों का जखीरा आया था।

दरअसल सोमवार को लिसाड़ी गेट के समर गार्डन में आतिशबाजी के सामान में विस्फोट होने से तीन मकान जमींदोज हो गए। धमाके की आवाज तीन किलोमीटर तक सुनाई दी। इससे इलाका दहल गया। आसपास के लोग घरों के बाहर निकल आए। कई मकानों से शीशे टूट गए। अफरा-तफरी मच गई। साढ़े चार घंटे तक रेस्क्यू आपरेशन चलाकर मलबे में दबे बच्चों और लोगों को बाहर निकाला गया।
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मेरठ में विस्फोट - फोटो : अमर उजाला
लिंटर के नीचे दबी थी कई जिंदगियां
लिंटर के नीचे दबे इंतजार के परिवार के लोग बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। स्थानीय लोग पार्षद पति महताब आलम, नवाब, बदर अली, अनस चौधरी, शाहिद अब्बासी और कुंवर रईस आदि लिंटर को उठाकर परिवार को निकालने में जुट गए। लिसाड़ी गेट थाने की पुलिस पहुंची और जेसीबी मंगवाई। विस्फोट के बाद परिवार लिंटर के नीचे दबा है, इसकी जानकारी लगने पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
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मलबा हटाती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
लिंटर को धकेला गया और एक-एक करके बच्चे, महिला समेत नौ लोगों को लिंटर के नीचे से निकाला। जो भी लिंटर से निकाला गया, वह बाहर आते ही बेहोश हो रहा था। शमीमा ने तो बाहर निकलते ही दम तोड़ दिया। आठ का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस का कहना है कि मकान में अंदर आतिशबाजी का सामान बनाने का काम चल रहा था। आतिशबाजी की सामग्री भी मौके से मिली है। देर रात पुलिस ने एनडीआरएफ, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई। विस्फोट में घायल सुहेल और आर्यन की हालत नाजुक है। सुहेल को दिल्ली रेफर किया गया है।

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मलबा हटाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
नशरा और जिकरा को सिपाहियों ने सकुशल निकाला
फायरब्रिगेड के तीन सिपाही अमित, नितिन व प्रवीण ने लिंटर के नीचे दबे परिवार को बचाने के लिए हिम्मत दिखाई। जान की परवाह किए बगैर लिंटर के नीचे से लोगों को निकालने में जुट गए। मासूम नशरा और जिकरा को उन्होंने सकुशल निकाला। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तीनों पुलिसकर्मियों की बहादुरी के बारे में डीएम और एसएसपी को बताया। दोनों अधिकारियों ने तीनों पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की बात कही है।
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लिसाड़ीगेट में हादसे के बाद जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
बेकाबू भीड़ पर पुलिस ने बरसाई लाठियां
विस्फोट के बाद बेकाबू भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ीं। कुछ लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर लिंटर उठवाने में मदद की। इसके अलावा कुछ लोग हंगामा करने लगे। एसपी सिटी और सीओ कोतवाली ने माइक से लोगों से अपील की।

पुलिस बार-बार लोगों से कह रही थी कि राहत कार्य करने वाले कर्मचारी और उनकी गाड़ियों को आने दें। उनकी वजह से देरी हो रही है। समर गार्डन में मुख्य मार्ग पर लोगों की ज्यादा संख्या होने के चलते जाम लग गया है। पुलिस ने लाठियां फटकार लोगों को तितर-बितर किया।
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लिसाड़ीगेट में मिले पटाखे - फोटो : अमर उजाला
पटाखों से हादसों के हालिया मामले
नवंबर 2016- मवाना के सठला गांव में पटाखों के गोदाम में आग लगी, तीन लोग झुलसे।
अक्तूबर 2015- तीरगरान में पटाखों में आग लगने से लाखों का सामान स्वाहा।
अगस्त 2015- सरधना में घनी आबादी के बीच पटाखों में आग लगी, छह से ज्यादा लोग झुलसे।
साल 2018- लिसाड़ी गेट के समर गार्डन में पटाखों में विस्फोट, कई झुलसे।
साल 2019- फलावदा में पटाखे बनाने की फैक्टरी में भीषण आग लगी।
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लिसाड़ीगेट में तहखाने में मिला बारूद - फोटो : अमर उजाला
चौकी से चंद कदमों की दूरी पर चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री
समर गार्डन में बड़ी आबादी के बीच इस मकान में काफी समय से अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। यह चौकी से चंद कदमों की दूरी पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कई घरों में इस तरह से पटाखे बनाने की फैक्ट्रियां चल रही हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है।

इसी क्षेत्र में साल 2018 में और एक साल पहले रिहान गार्डन में पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी थी। पुलिस ने दोनों ही मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। वहीं, पुलिस ने बताया कि मुस्तकीम और मकान मालिक इंतजार में दोस्ती थी। मुस्तकीम एक कमरा किराए पर लेकर भतीजे सुहेल के साथ आतिशबाजी तैयार करता था।
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लिसाड़ीगेट में मिले पटाखे - फोटो : अमर उजाला
हादसे में ये हुए घायल
सुनील शर्मा (65) निवासी बागपत
सुहेल (18) निवासी बागपत
शगुफ्ता (38)
आर्यन (18)
रोजी (16)
उजैब (5)
नशरा  (2)
जिकरा (4)
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