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Murder: दो गोली मारीं, तलवार से गला काटा और मुंह पर डाला तेजाब, अपहरण के बाद दोस्त को दी खौफनाक मौत

Tue, 31 May 2022 11:41 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
मेरठ से सटे हस्तिनापुर में तारापुर गांव से शनिवार को अगवा किए गए किसान परमजीत (35) की हत्या कर शव गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। मेरठ में पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से सोमवार को परमजीत का शव बरामद किया। परमजीत का शव तारापुर फतेहपुर प्रेम रोड पर बड़ी चकरोड के सामने एक फार्म के पास खेत में पड़ा मिला। बताया गया कि 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को बरामद किया है। 

हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर प्रेम निवासी परमजीत (35) शनिवार शाम से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। वह मां को दवा दिलाने के लिए तारापुर में डॉक्टर के पास आया था। यहां किसी दोस्त का फोन आने के बाद मां को यहीं छोड़कर चला गया और रविवार रात तक नहीं लौटा। परमजीत के भाई बूटा सिंह ने अपहरण की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं।
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थाने पर जमा ग्रामीण - फोटो : amar ujala
रविवार को परिजनों ने थाने मेें परमजीत के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार को हस्तिनापुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने परमजीत के दोस्त पिंटू को हिरासत में ले सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया।

पुलिस ने बताया कि पिंटू की निशानदेही पर परमजीत का शव तारापुर से फतेहपुर प्रेम जाने वाली सड़क के किनारे गन्ने के खेत में मिला। पुलिस ने पिंटू से पूछताछ के बाद फतेहपुर प्रेम निवासी ओमबीर सिंह, नौबत और हरेंद्र को गिरफ्तार किया है। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि महिला से संबंध के चलते परमजीत की हत्या हुई है। 
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थाने पर जमा ग्रामीण - फोटो : amar ujala
दोस्त पिंटू मुख्य आरोपी, गहनता से जांच करने में जुटी पुलिस 
हत्या के बाद मुख्य आरोपी पिंटू समेत ओमबीर, नौबत और हरेंद्र हमदर्द बनकर परमजीत के परिवार के साथ ही घूमते रहे। जहां परमजीत का शव फेंका था वहां कोई न जाए इसके लिए भी वह उसके परिजनों को गुमराह करते रहे। सोमवार को परिवार को उन पर शक हुआ तो उन्होंने पिंटू से पूछताछ करने की बात पुलिस से कही। 

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थाने पर जमा ग्रामीण - फोटो : amar ujala
सरदार परमजीत के अपहरण होने पर सिख समुदाय के लोगों में आक्रोश था। मामला गर्माने लगा तो पुलिस ने सर्विलांस से परमजीत, परिवार और दोस्तों के मोबाइल की सीडीआर सर्विलांस टीम से निकलवाई। इसमें पिंटू और ओमबीर की भूमिका संदिग्ध मिली। पुलिस की जांच में सामने आया कि पिंटू और परमजीत गहरे दोस्त थे।

पिंटू परमजीत के परिवार की एक महिला के संपर्क में था। परमजीत पिंटू के एक दोस्त के परिवार की महिला से बात करता था। इस आधार पर पुलिस ने पिंटू को हिरासत में लिया व सख्ती से पूछताछ की। कई घंटे तक पिंटू पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने सारी कहानी पुलिस को बता दी। पुलिस का कहना है कि उक्त दोनों महिलाओं से भी पूछताछ की जाएगी।
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जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
पिंटू ने किया भरोसे का कत्ल: गुरुदयाल
परमजीत के बड़े भाई गुरुदयाल सिंह उर्फ बूटा सिंह ने बताया कि वह तटबंध पर कार सेवा करते थे। भाई परमजीत ही घर और खेती का काम संभालता था। परमजीत व पिंटू की गहरी दोस्ती थी और वह एक-दूसरे के बिना खाना तक नहीं खाते थे। पिंटू ने विश्वास में लेकर परमजीत की हत्या कराई है। परमजीत की पत्नी और सात वर्षीय बच्चे का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं परमजीत की मां भी रोते हुए कह रही थी कि वह उसे दवा दिलाने तारापुर न गया होता तो शायद बेटा बच गया होता।
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मेरठ पुलिस। - फोटो : amar ujala
आरोपियों ने परमजीत को दो गोली मारीं, तलवार से गला रेतकर पहचान छिपाने के लिए मुंह पर तेजाब डाल दिया। सोमवार को परमजीत का शव गन्ने के खेत से मिला। एक दोस्त समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने दावा किया है कि एक आरोपी के परिवार की महिला से संबंध के चलते हत्या की गई है। 
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