कोबरा और नेवले की लड़ाई आपने जरूर देखी होगी लेकिन ऐसी खूनी लड़ाई आपने शायद ही देखी होगी। यूपी के मेरठ कॉलेज में 58 साल से कोबरा और नेवले में खूनी जंग चल रही है। जी हां, सुनने में अटपटा लगता है लेकिन 58 साल पहले हुई ये घटना आज भी जूलॉजी विभाग में जीवंत नजर आती है। यकीन नहीं होता तो देखें ये तस्वीरें और जानें क्या है इसकी असली कहानी :-
दरअसल, 58 साल पहले कोबरा और नेवले की इस खूनी जंग के दौरान मौत हो गई थी। दोनों की मौत के बाद इनको उसी स्थिति में संरक्षित करके रखा गया है जिसमें ये दोनों मिले थे।
सिर्फ कोबरा और नेवला ही नहीं बल्कि 60 साल पहले जंगल में मिली लोमड़ी हो या फिर पेड़ पर लिपटा पाइथन। माछरा के एक गांव में सन 65 में जन्मे दो सिर वाले बालक से लेकर दूसरे दुर्लभ जीव यहां वर्षों से संरक्षित रखे हुए हैं। जूलॉजी के छात्र-छात्राएं इस लैब में आकर अपना ज्ञान बढ़ाते हैं।