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स्मॉग से बच्चों की मुश्किल, हो रही आंखों में जलन और नाक में खुजली, सबूत हैं ये तस्वीरें

Thu, 31 Oct 2019 01:44 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मास्क लगाकर स्कूल जाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
दीपावली की छुट्टियों के बाद बुधवार को बच्चे स्कूल जाने के लिए घर से बाहर निकले तो स्मॉग से परेशान हो गए। पटाखों के धुएं के कारण वायुमंडल में पीएम 2.5 का स्तर इतना बढ़ गया कि बच्चों की आंखों में जलन, नाक में खुजली होने लगी। अगली स्लाइडों में देखिए तस्वीरें-
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मास्क लगाकर स्कूल जाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
दो पहिया वाहनों से स्कूल जाने वाले कुछ बच्चों की आंखें स्कूल पहुंचने तक लाल हो गईं और आंसू निकलने लगे। कई बच्चों को सांस लेने में परेशानी हुई, गले में खराश की शिकायत भी आई। दमा और अस्थमा के शिकार बच्चों को सांस लेने में अचानक तकलीफ होने लगी तो उन्हें इन्हेलर लेना पड़ा। स्कूलों ने एक दिन पहले ही मैसेज के माध्यम से बच्चों को मास्क लगाकर आने की सलाह दी थी।
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मास्क लगाकर स्कूल जाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
इसके बावजूद कई बच्चे बिना मास्क के ही स्कूल पहुंचे। जो बच्चे मास्क लगाकर स्कूल गए वे क्लास में और प्ले ग्राउंड में भी मास्क लगाए रहे। स्कूलों में असेंबली में सख्त आदेश दिया गया कि कल से सभी बच्चे मास्क लगाकर ही स्कूल आएंगे।

यह भी पढ़ें: सांस लेने लायक नहीं है बागपत की हवा, मुश्किल में बच्चे, डीएम ने शुरू की ये पहल

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मास्क लगाकर बैठे बच्चे - फोटो : अमर उजाला
बातचीत- 
सुबह जब स्कूल आया तो आंखों में जलन हो रही थी। स्कूल में मैडम ने बताया कि ये कार्बन डाई ऑक्साइड के कारण हो रहा है।  लक्ष्य, कंकरखेड़ा

सुबह स्कूल आते समय सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। घुटन सी महसूस हो रही थी। चारों तरफ धुआं नजर आ रहा था। आर्यन, कंकरखेड़ा 

हवा में इतना धुआं मैंने पहली बार देखा, पता नहीं अचानक से मौसम क्यों बदल गया, जिसके कारण सांस लेने में परेशानी हो रही है।  उमंग, कंकरखेड़ा

सुबह 7 सात बजे के करीब तक हवा में बारूद के जलने की गंध आ रही थी। गंध की वजह से सांस लेना दूभर हो गया। स्कूल परिसर में आकर चैन की सांस ली। त्विसी ठक्कर, रक्षापुरम 

मम्मी खुद स्कूटी से छोड़ने स्कूल आई थीं, लेकिन कोहरा इतना था कि उनको ड्राइव करने में परेशानी आई।  चिन्मय श्रीवास्तव, यशोदाकुंज 

दिवाली की सुबह तक सब सामान्य था। दिवाली पर जले पटाखों ने धुंध की समस्या पैदा कर दी। सुबह जल्दी-जल्दी में मास्क ना मिलने की वजह से रुमाल से मुंह ढककर स्कूल आए। अंशुल कसेरुबक्सर
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स्मॉग - फोटो : अमर उजाला
किस पटाखे ने कितना किया नुकसान
पटाखा--धुएं का उत्सर्जन
सांप पटाखा- 464 सिगरेट बराबर
1000 लड़ियों का चटाई बम- 277 सिगरेट
पुलपुल- 208 सिगरेट
फुलझड़ी- 74 सिगरेट
चकरी- 68 सिगरेट
अनार- 34 सिगरेट
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स्मॉग - फोटो : अमर उजाला
पटाखे द्वारा हवा में घोला गया पीएम 2.5
पटाखा- हवा में घोला गया यूजी, क्यूबिक मीटर पीएम 2.5
सांप पटाखा- 3 मिनट में 64,849  
चटाई बम 1000 लड़ी- 6 मिनट में 47,789 
पुलपुल- 3 मिनट में 34,068
फुलझड़ी- 2 मिनट में 10,898
चकरी- 5 मिनट में 10,475
अनार बम- 3 मिनट में 5,640
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मास्क लगाकर स्कूल जाती छात्रा - फोटो : अमर उजाला
वहीं शहर में बढ़े स्मॉग से बचने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के सख्त आदेशों के बाद डीएम अनिल ढींगरा ने जिले के शिक्षा अधिकारियों को सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्कूल, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रो पर नियमित अंतराल पर पानी छिड़काव करने के लिए कहा है। जिससे वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शुद्ध वायु मिल सके। इस पत्र को उच्च शिक्षा अधिकारी, डीआईओएस, बीएसए और जिला कार्यक्रम अधिकारी को जारी किया गया है।

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मास्क लगाकर स्कूल जाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि स्मॉग की वजह से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। शरीर के अंदर बारीक कण जाने से फेफड़ों का इंफेक्शन हो सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। एहतियात के तौर पर लोग मास्क खरीद रहे हैं। लेकिन सभी मास्क प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचाने में कारगर नहीं हैं।
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स्कूल में मास्क लगाकर खेलते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
बाजार में मिलने वाले एन-95 मास्क के अलावा अन्य ज्यादा कारगर नहीं हैं।

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