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अकबर बंजारा का आईएसआई कनेक्शन: असम पुलिस ने किए कई बड़े खुलासे, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लगाई गो-तस्करी की कमाई

Wed, 20 Apr 2022 03:39 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
असम के कोकराझार में पुलिस कस्टडी में उग्रवादी हमले में दो लाख का इनामी गो-तस्कर अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान मारा गया। चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। असम पुलिस ने अकबर का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी कनेक्शन बताया है। दावा है कि गो-तस्करी की कमाई का इस्तेमाल आतंकी संगठनों को फंडिंग के लिए भी होता है। 

मेरठ के फलावदा कस्बे के बंजारन मोहल्ला निवासी अकबर बंजारा और उसके दोनों भाई सलमान व शमीम को एक सप्ताह पहले फलावदा पुलिस ने गोकशी और राजमिस्त्री से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया तो असम पुलिस ने 14 अप्रैल को बी-वारंट ले लिया।  

असम पुलिस सोमवार की रात 1:15 बजे कोकराझार में समुद्र के रास्ते गो-तस्करी का नेटवर्क देखने के लिए अकबर और सलमान को लेकर जा रही थी। तभी उग्रवादियों ने गोलियां बरसा दीं। पुलिसकर्मी जान बचाकर भागे। गाड़ी के अंदर बैठे अकबर बंजारा और सलमान घायल हो गए। पुलिस अकबर और सलमान को पीएचसी में ले गई जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से एक एके-47, दो मैगजीन, 35 राउंड गोला-बारूद और 28 खोखे मिले हैं। असम में इस घटना के बाद एसएसपी मेरठ ने फलावदा में एहतियात के तौर पर फोर्स तैनात कर दी है। 
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
गैंगस्टर एक्ट लगाने की चल रही थी तैयारी
मेरठ पुलिस गो-तस्कर अकबर बंजारा की गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्त करने की तैयारी में थी। पुलिस ने आयकर विभाग को भी चिट्ठी लिखी है ताकि उसकी संपत्ति की जांच कराई जा सके। पुलिस ने बताया कि अकबर बंजारा गोकशी कर असम से बंगलादेश में मीट सप्लाई करता था। फलावदा स्थित बंजारन मोहल्ले में अकबर बंजारा परिवार के साथ करीब 15 साल से रह रहा था।  
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
हुंडियों और सोने के रूप में लेनदेन 
अकबर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय के रास्ते बांग्लादेश तक गो-तस्करी का नेटवर्क फैला चुका था। इससे होने वाली काली कमाई का बड़ा हिस्सा आईएसआई और एनडीएफबी, केएलओ, कोकराझार, चिरांग, बक्सा और मेघया के कुछ कट्टरपंथी संगठनों को मिल रहा है। असम पुलिस का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क हुंडियों और सोने के रूप में भी लेनदेन करता है। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की।

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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
गो-तस्करी की कमाई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लगाई
असम पुलिस ने दावा किया है कि गो-तस्करी से होने वाली अवैध कमाई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लगाई जा रही थी। यह नेटवर्क देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता का विषय है। अकबर और सलमान से पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि गोस्तकरी, टेरर फंडिंग और आईएसआई के लिंक की गहन जांच में कुछ और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। 
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
पुलिस हिरासत में हुआ हमला
गो-तस्कर अकबर बंजारा और उसके भाई सलमान को असम पुलिस बी-वारंट में असम लेकर गई थी। असम पुलिस की हिरासत के दौरान ही हमला हुआ और अकबर व सलमान मारे गए। - केशव कुमार, एसपी देहात
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