शहीद की अंतिम यात्रा
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सुबह चार बजे से ही आसपास के गांवों के सैकड़ों युवा हाथ में तिरंगे लेकर मेरठ-करनाल हाईवे पर लिसाढ़ मोड़ पर शव के इंतजार में खडे़ थे। करीब पौने आठ बजे जैसे ही सीआरपीएफ की गाड़ी में शव पहुंचा, तो पूरा माहौल सतेंद्र भाई अमर रहे, भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंज गया। जिधर से भी यात्रा गुजरी लोग घरों से शहीद के अंतिम दर्शन को दौड़ गए। घरों से फूल बरस रहे थे और चौखट पर खड़ी महिलाओं की आंखों में आंसू थे।