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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: जीवन ने जुनून से घर को बना दिया संग्रहालय, तीस साल से संजो रहे दुलर्भ चीजें

Wed, 23 Mar 2022 11:33 AM IST
Dimple Sirohi आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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शताब्दीनगर के जीवन सिंह बिष्ट संग्रह की हुई सामग्री दिखाते हुए। संवाद - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के शताब्दीनगर में रहने वाले 62 वर्षीय जीवन सिंह बिष्ट ने अपने जुनून से घर को अनूठा संग्रहालय बना लिया है। उन्होंने पुराने से लेकर अब तक के 13000 डाक टिकट, एक से 100 पैसे तक के सिक्के, 310 तरह की ताश की गड्डियां, 825 फाउंटेन पेन  जैसी सामग्रियों को जुटाया है। उनके पास एक से 250 रुपये और इससे भी महंगे पेन हैं। उन्होंने घर की दीवारों पर सिक्कों को चिपकाया है तो अन्य संकलित चीजों को भी संग्रहालय के रूप में सजाया है।

जीवन सिंह आयकर विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उनके मुताबिक इस घर में 1804 के दुर्लभ सिक्कों से लेकर भारत सरकार द्वारा कई वर्षों में छापे गए कलेंडरों के अलावा 100 वर्ष तक जीवित रहने वाले लोगों और क्रांतिकारियों के जीवन से जुड़े कई दस्तावेज भी हैं।
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जीवन सिंह बिष्ट द्वारा संग्रहित बाट - फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग में वह 1983 में नियुक्त हुए। वर्ष 1991 से उन्होंने यह काम शुरू किया। उन्होंने दिल्ली, मेरठ, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में जाकर प्रदर्शनी, मेलों और अन्य जगहों से ऐसी चीजों को इकट्ठा किया। वह लगातार 30 वर्ष से नायाब किस्म की चीजों को जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके पास 13 हजार अलग-अलग तरह के डाक टिकट हैं। वहीं, 1940 के बाद के ज्यादातर सभी डाक टिकट उपलब्ध हैं। सरकारी कामकाज में प्रयोग होने वाले टिकटों को तो अलग दीवार पर सजाया है। रसीदी टिकट, पोस्ट कार्ड और अलग-अलग लिफाफों का भी संग्रह है।

 
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जीवन सिंह बिष्ट द्वारा संग्रहित खबरें - फोटो : अमर उजाला
जीवन सिंह के पास अलग-अलग समय के 13000 डाक टिकट हैं। साथ ही एक से 100 पैसे तक के सिक्के जुटाए हैं। उन्होंने 310 तरह की ताश की गड्डी और 825 फाउंटेन पेन का संग्रह भी किया हुआ है। जीवन सिंह बिष्ट आयकर विभाग से सेवानिवृत्त हैं और पिछले 30 साल से ऐसी सामग्री संजो रहे हैं।

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शताब्दीनगर के जीवन सिंह बिष्ट संग्रह की हुई सामग्री दिखाते हुए। संवाद - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की 29 साल की खबरों का एलबम
जीवन ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1992 से 2022 के बीच हुई बड़ी घटनाओं से जुड़ी अमर उजाला की खबरों वाला एलबम तैयार किया है। इसका वजन करीब 11 किलो है। इसमें ऐतिहासिक, राजनीतिक, खेल, अपराध, प्राकृतिक आपदा सहित अन्य घटनाओं का उल्लेख है।
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शताब्दीनगर के जीवन सिंह बिष्ट संग्रह की हुई सामग्री दिखाते हुए। संवाद - फोटो : अमर उजाला
10 इंच की सबसे बड़ी सीपी
इस घर में सीपियों का भी संग्रह किया गया है। एक मिमी  से 10 इंच तक की डेढ़ लाख सीपी उपलब्ध हैं। 
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जीवन सिंह बिष्ट - फोटो : अमर उजाला
1938 से अब तक के नोटों का है संग्रह
-जीवन सिंह ने वर्ष 1938 से अब तक पांच और 10 रुपये वाले नोटों का संग्रह किया है। वर्ष 2016 तक छापे गए हर नोट भी यहां हैं। 
-मुस्लिम 786 वाले अंक को शुभ मानते हैं। इन अंकों वाले नोटों का भी संग्रह
 किया गया है। वहीं, वर्ष 1804 में राजा-महाराजा वाले चांदी, तांबा, कांसा, पीतल के सिक्कों का भी संग्रह किया गया है।
-इसके साथ वर्ष 1992 से 2020 तक सरकार द्वारा प्रतिवर्ष छापे गए कलेंडरों का भी घर में अलग दीवार पर प्रदर्शित किया गया है।  
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