उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे के बाद जांच तेज हो गई है। बुधवार को टीमों ने हादसा स्थल पर जांच की। हादसे के सीने को दोहराया। इसके साथ फोरेंसिक जांच के लिए नमूने भी लिए गए।
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मथुरा हादसे के बाद जांच के लिए पहुंची टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना एक्सप्रेस वे के माइल स्टोन 127 पर मंगलवार को हुई भीषण दुर्घटना की जांच करने के लिए बुधवार को जिला जांच कमेटी व फरीदाबाद से इंस्टीट्यूट ऑफ रोड सेफ्टी मैनेजमेंट की टीमें पहुंचीं। रोड सेफ्टी टीम ने हादसे का सीन दोहराया गया। बस के टायरों को सड़क पर चलाकर देखा। तीन घंटे तक टीमें हादसे की वजह, आग लगने के कारणों के साथ ही क्षतिग्रस्त गाड़ियों की जांच की गई। गाड़ियों की खामियों के लिए टेक्निकल मुआयना किया गया। कमेटी को 48 घंटे में शासन को रिपोर्ट देनी है।
दोपहर 12 बजे जिला प्रशासन व अन्य रोड सेफ्टी की टीमों ने बिंदुवार जानकारी जुटाई। यह पता करने का प्रयास किया सबसे पहले कौन सी गाड़ी थी जो कोहरे की वजह से रुकी, जिसके बाद अन्य गाड़ियां उससे टकराईं। सबसे पहले छोटी डिजायर कार आगे थी, जिसके ब्रेक लगाने से पीछे से आ रही आर्टिगा कार टकरा गई। इसके बाद बसें टकराईं। एक कार की पेट्रोल टंकी मौके पर नहीं मिली। टीमों ने अन्य क्षतिग्रस्त बस और कारों की जांच गहनता से जांच की।
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जांच करती टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोड सेफ्टी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की फोरेंसिक टीम की विभागाध्यक्ष डॉ. श्रुति गुप्ता ने विभिन्न बिंदुओं पर जांच पड़ताल की। डॉ. श्रुति गुप्ता ने अभी और लोगों से जानकारी एकत्रित की जाएगी तब वास्तविक स्थिति पता चलेगी। उन्होंने कहा घटना तो होती है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर आग लगने का पता लगाया जा रहा है। टीम के सदस्य अभिनव सिंह ने जली और अधजली गाड़ियों का बारीकी से मुआयना किया। फोरेंसिक जांच के लिए सैंपलिंग की। क्षतिग्रस्त गाड़ियों के हर कोण से फोटो भी जांच टीम ने लिए। इसके बाद रोड इंजीनियरिंग, घने कोहरे की वजह सहित पहलुओं पर जांच की। टीमों ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए।
जांच टीम में एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एसपी देहात सुरेशचंद्र रावत, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निर्माण दुलवीर सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन राजेश राजपूत, आनंद सिंह जीएम यमुना एक्सप्रेस-वे, आनंदब्रज पाल सिंह यमुना एक्सप्रेस-वे जेपी ग्रुप, राजेंद्र भाटी यीडा शामिल रहे। रोड सेफ्टी की टीम के सदस्यों के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी आई थी।
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मथुरा हादसा
- फोटो : अमर उजाला
खंगाली जाएंगी 11 बस स्वामियों की कुंडली
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। हादसे के कारणों और लापरवाही के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी। इस क्रम में हादसे में शामिल 11 बसों के स्वामियों की पूरी कुंडली खंगालने की तैयारी है। बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, चालक की योग्यता, ड्यूटी समय और गति सीमा के उल्लंघन जैसे बिंदुओं पर विशेष जांच होगी। हादसे में शामिल रोडवेज बस की जांच होगी।
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मथुरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रशासन के साथ ही एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी) समेत अन्य संबंधित विभागों की टीमें जांच में जुट गई हैं। सभी बसों के दस्तावेज तलब किए जा रहे हैं। यह भी देखा जाएगा कि बसें निर्धारित मार्ग पर ही संचालित हो रही थीं या नहीं, साथ ही कोहरे जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं। हादसे के संबंध में बलदेव पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिले हैं, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की तकनीकी और कानूनी पड़ताल की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा, बसों के जीपीएस रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा होंगे।
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मथुरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एआरटीओ राजेश राजपूत ने बताया कि बसों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी थी, क्या चालकों ने तय समय से अधिक ड्राइविंग की या फिर कोहरे के बावजूद तेज गति या ओवरटेकिंग की गई। इसके अलावा बस कंपनियों की जिम्मेदारी और उनकी सुरक्षा नीति भी जांच के दायरे में लाई गई है। इस वीभत्स हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेस वे पर यात्री सुरक्षा और बस संचालन व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
10 सुलगते सवालों पर हो रही जांच, बिंदुवार जांच शुरू
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए दर्दनाक हादसे की जांच शुरू हो गई है। पहले दिन जांच समिति ने 10 बिंदुओं को गहना से परखा, लेकिन घटनास्थल पर ब्रेजा कार की पेट्रेल टंकी नहीं मिली। इससे पेट्रोल टंकी में बस की टक्कर लगने से ब्लॉस्ट होने से गाड़ियों में आग लगने की आशंका गहराती जा रही है। हालांकि जांच समिति इस बिंदु पर बारीकी से परीक्षण कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि दो कारों की भिंडत के बाद ब्रेजा कार ने पीछे से टक्कर मारी थी। जबतक तीनों कारों में सवार लोग संभल पाते तब तक पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्लीपर बस ने टक्कर मारी थी। बस की रगड़ से ब्रेजा कार की पेट्रोल टंकी में भयंकर ब्लॉस्ट हो गया था। इसके बाद आग की तेल लपटें उठने लगी और धीरे-धीरे आग इतनी विकराल हो गई कि पीछे से टकराईं बसों को भी चपेट में ले लिया। हालांकि स्लीपर बसों के एसी कंप्रेसर फटने से आग लगने के बिंदु को भी गहनता से परखा गया है। बृहस्पतिवार को भी जांच टीम मौके पर पहुंचकर कई बिंदुवार जांच करेगी।
इन बिंदुओं को हो रही जांच
आग की पहली चिंगारी कहां निकली
चंद मिनटों में आखिर इतनी विकराल कैसे हुई आग
क्या एसी बसों के कंप्रेसर फटने से आग लगी
क्या ब्रेजा कार की पेट्रोल टंकी में ब्लॉस्ट होने से लगी आग
घटनास्थल के आसपास रोड डिजायन देखा जा रहा
वाहनों की ओवर स्पीड
दुर्घटनास्थल पर अन्य स्थानों की अपेक्षा ज्यादा कोहरा व धुंध
वाहन चालकों की लापरवाही, झपकी या अल्कोहल का सेवन
किसी गाड़ी का टायर बर्स्ट, स्टीयरिंग या ब्रेक तो फेल नहीं हुआ
अग्निदशन दल को पहुंचने में कितना समय लगा