उत्तर प्रदेश की तीर्थनगरी मथुरा में होली उत्सव जारी है। बुधवार को नंदगांव में होली खेली गई। 'फगुवा दै मोहन मतवारे, आजु भोर ही नंदपौर ब्रजवासिन कीच मचाई, बरसाने की गोपी फगुवा मांगन आईं, कियौ जुहार नंद जू कौं भीतर भवन बुलाईं' आदि पदों के तानों से नंदभवन गूंज रहा था। टेसू के सुगंधित फूलों से बनाया गया प्राकृतिक रंग नंदभवन में मौजूद हर किसी के तन-मन को अपने रंग में रंग रहा था।
फगुवा दै, मोहन मतवारे फगुवा दै
फगुआ से पहले फिर हुयी लाठियों से प्रेमरस की वृष्टि
फगुवा मिस ब्रज सुंदरी जसुमति गृह आईं
तब ब्रजरानि बोलि कैं रावर में लीनी
मुसकि मुसकि कछु कहत हैं बतियां रंग भीनि
अहो जसुमति भोर ही याते हम आईं
केसरि कलस भराय कैं सब पर ढरकावैं
मृगमद केसर घोरि कें मुख सौं लिपटावै
मनभावन फगवा लियौ तनसुख की सारी
अबीर गुलाल के रंग बिरंगे बादल घुमड घुमड कर नंदभवन में पहुंच रहे लोगों का स्वागत कर रहे थे। चारों ओर ढोल, नगाडे, ढप आदि वाद्य यंत्रों पर लोग थिरक रहे थे। रंगीली गली और लठामार होली चौक पर लाठियां बरसने की आवाज हर किसी को अपनी ओर खींच रही थी। ऐसा नजारा था बुधवार को मथुरा जिले के नंदगांव का जोकि भगवान श्री कृष्ण का है।