उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में कैंसर यूनिट की स्थापना की गई। ताकि कैंसर पीड़ितों को उपचार मिल सके। इसके लिए सरकार ने 13.50 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद भी हालात बदतर हैं। यहां कैंसर रोगियों को उपचार नहीं मिल सका।
रोगियों के इलाज के लिए स्थापित की गई कैंसर यूनिट में ताला लटक रहा है। डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने के कारण करोड़ों की मशीनें भी खराब हो चुकी हैं। जिले के कैंसर पीड़ितों को पहले की तरह से ही उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। समय से उपचार नहीं मिलने के कारण जिले में प्रतिवर्ष 40 से 50 कैंसर पीड़ितों की मौत हो रही है।
जिले में कैंसर के मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए वर्ष 2005 में कैंसर यूनिट के लिए सात करोड़ की धनराशि जारी की गई थी। वर्ष 2010 में 6.50 करोड़ की लागत से यहां मशीनों की स्थापना कराई गई थी। डॉक्टरों की तैनाती न होने के कारण करोड़ों रुपये धूल में मिल गए हैं। कैंसर यूनिट बंद पड़ी हुई है और लोग कैंसर के उपचार के लिए दिल्ली, ग्वालियर और लखनऊ के चक्कर काट रहे हैं।