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13 करोड़ खर्च; रिजल्ट शून्यः करोड़ों की मशीनें बनीं कचरा, इलाज को भटक रहे कैंसर रोगी, हर साल 50 लोग तोड़ देते दम

Fri, 03 Feb 2023 08:10 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार



 
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कैंसर टेस्ट
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में कैंसर यूनिट की स्थापना की गई। ताकि कैंसर पीड़ितों को उपचार मिल सके। इसके लिए सरकार ने 13.50 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद भी हालात बदतर हैं। यहां कैंसर रोगियों को उपचार नहीं मिल सका। 

रोगियों के इलाज के लिए स्थापित की गई कैंसर यूनिट में ताला लटक रहा है। डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने के कारण करोड़ों की मशीनें भी खराब हो चुकी हैं। जिले के कैंसर पीड़ितों को पहले की तरह से ही उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। समय से उपचार नहीं मिलने के कारण जिले में प्रतिवर्ष 40 से 50 कैंसर पीड़ितों की मौत हो रही है।

जिले में कैंसर के मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए वर्ष 2005 में कैंसर यूनिट के लिए सात करोड़ की धनराशि जारी की गई थी। वर्ष 2010 में 6.50 करोड़ की लागत से यहां मशीनों की स्थापना कराई गई थी। डॉक्टरों की तैनाती न होने के कारण करोड़ों रुपये धूल में मिल गए हैं। कैंसर यूनिट बंद पड़ी हुई है और लोग कैंसर के उपचार के लिए दिल्ली, ग्वालियर और लखनऊ के चक्कर काट रहे हैं।
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मैनपुरी में बंद पड़ी कैंसर यूनिट - फोटो : अमर उजाला
जनपद के लिए कैंसर बड़ा संकट खड़ा कर रहा है। जनपद में लगातार कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। कैंसर जैसी खतरानाक बीमारी से पीड़ित होने वाले लोगों को नहीं बचाया जा रहा है। इसका मुख्य कारण है कि जनपद में बड़ी संख्या में लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं।

जनपद में कैंसर इतना खरतनाक होता जा रहा है कि यहां हर साल कैंसर से पीड़ित होकर 40 से 50 मरीजों की मौत हो रही है। एक निजी संस्था की रिपोर्ट के अनुसार जनपद में वर्तमान में कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 के लगभग है। इसमें 500 से अधिक लोग मुख कैंसर से पीड़ित हैं। जनपद में कैंसर होने की बात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं।
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जांच करते डॉक्टर।

12 साल पहले स्थापित मशीनों के नहीं मिल रहे पार्ट्स

कार्यदायी संस्था सीमेंस ने दो साल पहले सीएमएस को पत्र भेजा था। कहा था कि वर्ष 2010 में उनके द्वारा जो मशीनें भेजी गई थीं वो अब पुराना मॉडल हो गई हैं। उनके पार्ट्स भी मिलना बंद हो गए हैं। कार्यदायी संस्था ने कहा कि अब इन मशीनों को सही कराना संभव नहीं है।

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तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ बनाया गया।

तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के प्रयास भी रहे बेअसर

मैनपुरी। जनपद में कैंसर के मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार अभय कुमार सिंह बताते हैं कि सीएमओ के निर्देशन में इसके पदाधिकारी लगातार लोगों को तंबाकू से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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कैंसर रोग के बारे में सबकुछ   - फोटो : Amar Ujala

आगरा और ग्वालियर के डॉक्टर लगाते हैं शिविर

जनपद के लोगों को कैंसर की जानकारी समय से हो सके और बेहतर उपचार मिल सके, इसके लिए निजी संस्थाएं भी काम कर रही हैं। संतलाल वेलफेयर एसोसिएशन के सौजन्य से भी जनपद में कैंसर मरीजों की जांच के लिए परामर्श शिविर का आयोजन हर माह किया जाता है। इसमें आगरा के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहते हैं।

सीएमएस डॉ. मदनलाल ने कहा कि कैंसर यूनिट बंद पड़ी हुई है। यूनिट के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। कुछ दिन पहले यूनिट के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। शासन को यूनिट के बंद होने की रिपोर्ट भेज दी गई है।
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