कानपुर में जमीन विवाद में प्रॉपर्टी डीलर ईश्वर चंद दीक्षित (52) के आत्मदाह करने के मामले में आक्रोशित परिजनों समेत सैकड़ों लोगों ने सोमवार दोपहर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पहले श्याम नगर चौराहा जाम किया और बवाल बढ़ा तो श्याम नगर बाईपास पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने आजाद नगर चौकी इंचार्ज पर भी एफआईआर दर्ज की। उसको निलंबित कर दिया। करीब छह घंटे बाद प्रदर्शन खत्म कराया जा सका। रामपुरम निवासी ईश्वर चंद ने रविवार को श्याम नगर चौराहे पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लिया था। परिजनों ने बताया था कि ईश्वर चंद ने 2017 में बिधनू में दो सौ गज का प्लाट लिया था। जब वह दशहरा वाले दिन निर्माण कराने पहुंचे थे तो एक पक्ष ने आकर प्लाट पर खुद का कब्जा बताया था। बिधनू पुलिस ने काम रुकवा दिया था। इससे आहत होकर ईश्वर चंद ने आत्मदाह कर लिया था।
विज्ञापन
2 of 5
घंटो चला हंगामा
- फोटो : amar ujala
सोमवार दोपहर करीब एक बजे शव मोर्चरी से घर पहुंचा। परिजन दो बजे श्याम नगर चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सैकड़ों की भीड़ जुट गई। सूचना पर डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी, एडीएम समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। अफसर परिजनों और प्रदर्शनकारियों को दो घंटे तक समझाने में जुटे रहे लेकिन वह नहीं माने। उसके बाद श्याम नगर बाईपास पर शव रखकर जाम लगा दिया। हाईवे जाम होने पर पुलिस फोर्स ने भीड़ को जबरन हटाने का प्रयास किया तब भी भीड़ नहीं मानी। आखिर में पुलिस को पीछे हटना पड़ा। रात करीब आठ बजे किसी तरह से लोगों को समझाने में अफसर सफल हो सके। तब शव घर ले जाया गया।
विज्ञापन
3 of 5
घंटो जाम में फंसे रहे वाहन
- फोटो : amar ujala
पुलिस से महिलाओं की तीखी नोकझोंक
ईश्वर चंद की बेटी और पत्नी सड़क के बीच में लेट गईं। महिला सिपाहियों ने जब उनको उठाने का प्रयास किया तो धक्का-मुक्की होने लगी। बमुश्किल उनको उठाया जा सका लेकिन भीड़ को सड़क से हटा नहीं सके। दो बजे से चार बजे तक जब प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ और कोई मांगे नहीं मानी गईं। तब सभी शव लेकर श्याम नगर पहुंच गए। मांग थी कि तत्काल डीएम मौके पर आएं। उसके बाद एडीएम समेत अन्य अधिकारी वहां पहुंचे। वह करीब चार घंटे तक बातचीत करते रहे। तब जाकर समझा सके।
4 of 5
वाहन की लंबी कतार लग गई
- फोटो : amar ujala
गिरफ्तारी के लिए अड़े रहे परिजन
परिजनों ने आरोप लगाया कि जो लोग उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं उनसे आउटर की बिधनू पुलिस मिली हुई है। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की और ईश्वर चंद दीक्षित पर ही दबाव बनाया। परिजन प्रदर्शन के दौरान अड़े रहे कि जिन पर एफआईआर दर्ज की गई है उनको तत्काल गिरफ्तार किया जाए। डीसीपी ने आश्वासन दिया कि जल्द सभी आरोपी पकड़कर जेल भेजे जाएंगे।
दरोगा निलंबित, कई हिरासत में, एक गिरफ्तार
मामले में घनश्याम गौड़, बल्लू द्विवेदी, जितेंद्र कुमार दीक्षित, आजाद नगर चौकी इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह, व चार पांच अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी आउटर ने दरोगा पुष्पेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। घनश्याम की गिरफ्तारी कर ली गई है। नामजद कई और आरोपी हिरासत में लिए गए हैं। जल्द पुलिस उनकी गिरफ्तारी करेगी।
पीड़ित परिजनों की मांगें
- ईश्वर चंद की तीनों बेटियों को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए
- सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो
- प्लाट को कब्जा मुक्त कराया जाए
- परिवार को सुरक्षा दी जाए