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उन्नाव आत्मदाह मामला: अंत्येष्टि में अधिकारियों के छूटे पसीने, 21 घंटे तक चली मानमनौव्वल, ये पांच मांगे मानीं

Wed, 03 May 2023 09:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह करने वाले युवक आनंद मिश्रा की अंत्येष्टि कराने के लिए अफसरों के पसीने छूट गए। परिजनों को मनाने के लिए उनको 21 घंटे तक मानमनौव्वल करनी पड़ी, तब जाकर वे अंंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

परिजन आनंद का शव लखनऊ से लेकर सोमवार शाम 3:40 बजे गांव रनागढ़ी आए। वे आनंद द्वारा मौत से पहले विधायक पर लगाए गए आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग पूरी होने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात पर अड़ गए थे।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सोमवार शाम से मंगलवार सुबह तक परिजनों को समझाते रहे लेकिन वे तैयार नहीं हुए। सोमवार रात डीएम अपूर्वा दुबे और एसपी सिद्धार्थशंकर मीना भी मृतक के घर गए थे और परिजनों से बात की लेकिन परजिन नहीं माने।

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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला

मृतक के भाई ने रखी ये मांगे
देर रात कानपुर में रहने वाले मृतक के बड़े भाई राजू और छोटे भाई गोलू को पुलिस ने समझाया। फिर परिवार के सदस्यों में आपस में बातचीत हुई। मंगलवार सुबह मृतक के बड़े भाई राजू ने एडीएम से अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने, सभी चार भाइयों को दो-दो बीघा जमीन का पट्टा देने की मांग की।

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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
इसके अलावा सबसे छोटे भाई गोलू उर्फ लवकुश का दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने और नौ दिसंबर 2021 को छोटे भाई गोलू के साथ हुई मारपीट की घटना में पड़ोस में रहने रामप्रसाद और उसके बेटे महेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही परिवार को सहायता राशि की मांग की।

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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला
मांगों को लेकर एडीएम ने जताई सहमति
एडीएम नरेंद्र सिंह ने इस पर सहमति जताई। तत्काल ग्राम प्रधान राजू चौरसिया और लेखपाल विकास अवस्थी को दो-दो बीघा जमीन पट्टे का प्रस्ताव भेजने का आदेश दिया और थाना पुलिस को 2021 की घटना की एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद परिजन शांत हुए।
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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला
प्रशासनिक अधिकारियों ने ली राहत की सांस
मंगलवार दोपहर 12:30 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दोपहर डेढ़ बजे परियर गंगाघाट पर अंतिम संस्कार किया। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। सफीपुर सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि मारपीट की घटना में पड़ोसी रामप्रसाद और उसके बेटे महेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला
शव यात्रा में लगे विधायक के खिलाफ नारे
प्रशासनिक अधिकारियों और मृतक के परिजनों के बीच समझौता होने के बाद जैसे ही परिजन शव उठाने लगे, लोगों ने विधायक बंबालाल दिवाकर के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने जैसे-तैसे लोगों को शांत कराकर शव का परियर घाट पर अंतिम संस्कार कराया।
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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला
आनंद की जान जाने के बाद जागी पुलिस
नौ दिसंबर 2021 को हुई मारपीट की घटना में पुलिस पहले ही कार्रवाई करती तो आनंद मिश्र को अपनी जान न गंवानी पड़ती। मामले की रिपोर्ट न लिखे जाने पर आनंद ने आत्मदाह कर लिया था। घटना के डेढ़ साल बाद किरकिरी से बचने के लिए आखिरकार पुलिस ने मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की।

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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला
यह था घटनाक्रम
साल 2017 में आनंद के खिलाफ पहली बार एससीएसटी की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तभी से विवाद शुरू हुआ था। उसके बाद नौ दिसंबर 2021 को आनंद मिश्र के साथ पड़ोसी पिता पुत्र से मारपीट की। विधायक बंबालाल दिवाकर का दबाव होने से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला
विधायक को गोली मारने की धमकी
कार्रवाई न होने से नाराज आनंद ने 21 अप्रैल को एसपी के सीयूजी नंबर पर फोन पर विधायक को गोली मारने की धमकी दी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 26 अप्रैल को उसने मुख्यमंत्री आवास के निकट पहुंचकर आत्मदाह कर लिया और 30 अप्रैल को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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उन्नाव आत्मदाह मामला - फोटो : अमर उजाला
यहां हुई पुलिस से चूक
  • साल 2021 में गोलू के साथ मारपीट की घटना में तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई।
  • आनंद की मौत के बाद पुलिस ने मृतक के भाइयों ने नहीं की कोई बात।
  • विधायक को धमकी देने के बाद आरोपी का फोन खुला होने के बाद भी नहीं की गिरफ्तारी।
  • कानपुर में रहने वाले मृतक के भाई सबसे बड़े भाई राजू और गोलू पर भी बनाया दबाव।
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