उत्तर प्रदेश के कन्रौज मेडिकल कालेज में क्वांरटीन किए गए तेराजाकेट निवासी मां और उसके दो बेटे मंगलवार देर रात कमजोर व्यवस्था का फायदा उठाकर भाग निकले। तीन लोग मेडिकल कालेज से करीब 25 किमी पैदल चलकर तेराजाकेट स्थित घर तक पहुंच गए और रास्ते में किसी ने इन्हें टोका तक नहीं। सुबह जब तीनों को ग्रामीणों ने घर में देखा तो इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। लेकिन कोई नहीं पहुंचा। शुक्र यह रहा कि तीनों की दोपहर में आई जांच रिपोर्ट निगेटिव रही। पूरे मामले की सीएमओ ने जांच कराने की बात कही है।
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घटना के बाद पूछताछ करते अधिकारी
- फोटो : amar ujala
तेराजाकेट निवासी चंद्रशेखर के रिश्तेदार फर्रुखाबाद के जल्लापुर में रहते हैं, इनमें कोरोना के लक्षण मिले थे। चंद्रशेखर की पत्नी और बेटे कोरोना संदिग्ध रिश्तेदारों के संपर्क में आए थे। जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग ने चंद्रशेखर की पत्नी सुषमा (45) , बेटे जितेंद्र (20) और बिरजू (12) की मंगलवार सुबह मेडिकल कालेज में जांच कराई और सैंपल लिए गए।
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कन्नौज में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
जांच के बाद सुषमा, जितेंद्र और बिरजू को मेडिकल कालेज में ही क्वारंटीन कर दिया गया। लेकिन रात में ही तीनों लोग मौका पाकर मेडिकल कालेज से निकल आए। इसके बाद पैदल ही २५ किलोमीटर चलकर घर पहुंचे। सुबह पड़ोसियों ने तीनों को घर में देखकर अधिकारियों को जानकारी दी। सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि तीनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। बगैर किसी को बताए यह लोग मेडिकल कालेज से चले आए। मामले की जांच की जाएगी।
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कन्नौज में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
सैंपल लेने के बाद सुषमा, जितेंद्र और बिरजू को जिस वार्ड में क्वारंटीन किया गया, वहां सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं थे। सुरक्षा के लिए तैनात किए गए कर्मचारी भी नदारत थे। यही कारण था कि क्वारंटीन किए गए यह तीनों लोग गुपचुप तरीके से मेडिकल कालेज से निकल आए और घर पहुंच गए।
कन्नौज में लॉकडाउन के दौरान जांच करते स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
रात में तीनों लोग 25 किमी चलकर घर तक पहुंचे लेकिन रास्ते में किसी ने भी इन्हें टोका तक नहीं। शुक्र रहा कि रिपोर्ट निगेटिव आई। यदि पॉजिटिव होती तो खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता और कई लोग संक्रमण की चपेट में भी आ सकते थे।