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स्वतंत्र देव सिंह का निक नेम सुनकर जब चौंक गई थीं उमा भारती, पढ़िए कई और भी रोचक किस्से

Wed, 17 Jul 2019 06:45 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
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स्वतंत्र देव सिंह, उमा भारती - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह यूं तो मूलरूप से मिर्जापुर के रहने वाले हैं लेकिन वर्षों पहले बड़े भाई की सरपरस्ती में पढ़ाई के लिए कालपी में ऐसे दाखिल हुए कि कुछ ही वर्षों में  वह ‘मिर्जापुरी’ की जगह  ‘जालौनी’ बन गए। उरई में स्नातक की परीक्षा के साथ-साथ राजनीतिक ककहरा सीख कर वह सियासी परिदृश्य में कदम-दर-कदम आगे बढ़ते गए। उनके नाम से जुड़ा एक किस्सा आज भी जालौन के लोगों के दिलो-दिमाग से उतरता नहीं है। इस एक घटना ने उन्हें राजनीति में नई पहचान दी।
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स्वतंत्र देव सिंह - फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर जिले के मूल निवासी स्वतंत्र देव सिंह के बड़े भाई श्रीपत सिंह पुलिस विभाग में कार्यरत थे। वर्षों पहले उनकी पोस्टिंग कालपी थाने में हुई तो स्वतंत्र देव भी भाई के साथ कालपी आ गए और एमएसवी इंटर कालेज में पढ़ाई की। इसके बाद स्नातक की पढ़ाई उरई से की।

स्वतंत्र देव सिंह - फोटो : amar ujala
साल 2012 के विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र देव कालपी से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे। हालांकि इस चुनाव में कांग्रेस की उमाकांति जीती थीं। 2017 में जब भाजपा की सरकार बनी तो उनकी सेवाओं  को देखते हुए उन्हें बिना चुनाव लड़े परिवहन मंत्री बनाया गया।

स्वतंत्र देव सिंह
इसके बाद वह विधान परिषद के सदस्य बनाए गए। लोक सभा चुनाव में उन्हें मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया। कांग्रेसी सत्ता वाले राज्य मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की सफलता ने स्वतंत्र देव का सियासी कद और बढ़ाया। सत्ता और संगठन के पर्याप्त अनुभव को देखते हुए ही उन्हें अब उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई है। 
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स्वतंत्र देव सिंह - फोटो : amar ujala
यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि स्वतंत्र देव सिंह का घरेलू नाम कांग्रेस सिंह था। जब वह भाजपा में सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे थे तभी एक कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती की मौजूदगी में उन्हें भाषण के लिए बुलाया गया। उनका घरेलू नाम कांग्रेस सिंह सुनकर उमा भारती चौंकी फिर उनके प्रभावशाली संबोधन से बेहद प्रभावित हुईं और कहा कि आपका नाम कांग्रेस नहीं होना चाहिए। उन्हें एक नया नाम स्वतंत्र देव दिया तब से कांग्रेस सिंह भाजपा के स्वतंत्र देव सिंह हो गए।
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