साबरमती एक्सप्रेस के डिरेल होने के मामले में रेलवे के स्थानीय अधिकारियों के साथ ही अब सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) अफसरों की पांच सदस्यीय कमेटी ने भी तहकीकात शुरू कर दी है। टीम में शामिल अधिकारी मंगलवार को मौका मुआयना कर सकते हैं। प्रारंभिक जांच में पूरा जोर पटरी के टुकड़े और ट्रैक के संपर्क पर है। समझने का प्रयास किया जाएगा कि आखिर पटरी किस तरह से रखी थी, जो ट्रेन का कैटल गार्ड तक टूट गया।
एसएजी के चेयरमैन प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर हैं, जबकि टीम में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल के वरिष्ठ अधिकारी और आरपीएफ के डीआईजी को शामिल किया गया है। यह टीम विभिन्न पहलुओं को परखने के बाद किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी। वहीं, एसएजी के सदस्यों ने रविवार और सोमवार को अपने-अपने विभागों से रिपोर्ट लेकर उसका अध्ययन किया।