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Sabarmati Accident: पटरी का टुकड़ा ट्रैक तक कैसे पहुंचा?, इसका जवाब खोल सकता है अहम राज, SAG ने शुरू की जांच

Tue, 20 Aug 2024 09:37 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Sabarmati Express Accident: साबरमती हादसे को लेकर एसएजी की टीम ने कई पहलुओं पर जांच शुरू की है। इस टीम में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर, आरपीएफ के डीआईजी समेत अन्य विभाग के अफसर शामिल हैं।
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला

साबरमती एक्सप्रेस के डिरेल होने के मामले में रेलवे के स्थानीय अधिकारियों के साथ ही अब सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) अफसरों की पांच सदस्यीय कमेटी ने भी तहकीकात शुरू कर दी है। टीम में शामिल अधिकारी मंगलवार को मौका मुआयना कर सकते हैं। प्रारंभिक जांच में पूरा जोर पटरी के टुकड़े और ट्रैक के संपर्क पर है। समझने का प्रयास किया जाएगा कि आखिर पटरी किस तरह से रखी थी, जो ट्रेन का कैटल गार्ड तक टूट गया।

एसएजी के चेयरमैन प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर हैं, जबकि टीम में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल के वरिष्ठ अधिकारी और आरपीएफ के डीआईजी को शामिल किया गया है। यह टीम विभिन्न पहलुओं को परखने के बाद किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी। वहीं, एसएजी के सदस्यों ने रविवार और सोमवार को अपने-अपने विभागों से रिपोर्ट लेकर उसका अध्ययन किया।

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला

जांच कर रही टीमें तलाश रहीं इन सवालों के जवाब

  • आखिर पटरी का टुकड़ा ट्रैक तक कैसे पहुंचा?
  • टुकड़े को क्या ट्रैक पर क्लैंप से बांधा गया था?
  • करीब 120 टन वजनी इंजन के दोनों कैटल गार्ड कैसे टूटे गए?
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला

कॉशन लेकर गुजारी गईं झांसी रूट की ट्रेनें
साबरमती एक्सप्रेस के हादसे वाले ट्रैक को सही करा दिया गया है। यहां पर कॉशन लेकर ट्रेनों का गुजारा जा रहा है। सोमवार को झांसी की ओर जाने वाली ट्रेनें 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गईं। यहां पर ब्लॉक लेकर नए सिरे से ट्रैक तैयार किया जाएगा। करीब एक किलोमीटर तक नई लाइन बिछाई जाएगी। ब्लॉक लेने का निर्णय मंडल की ओर से किया जाएगा। हालांकि रेलवे के इंजीनियर और ट्रैक कर्मी जुटे हुए हैं। ट्रैक किनारे रखी ट्रेन की दस बोगियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ तैनात है।

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
चालक-परिचालक को पूछताछ के लिए बुलाया गया
हादसे का शिकार हुई साबरती एक्सप्रेस की जांच को गठित एसआईटी ने सोमवार से जांच तेज कर दी। विवेचक पनकी थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह ने ट्रेन के चालक, परिचालक और गार्ड को बयान व पूछताछ के लिए बुलाया है। यह तीनों ही पूरे मामले के चश्मदीद है।
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
जांच कर रहे विवेचक ने नोटिस जारी किए
इन्हें बयानों के लिए बुलाने के लिए बाकायदा सफीना नोटिस भी विवेचक ने भेजा है। इसके बाद यात्रियों को भी एसआईटी बयान दर्ज करने के लिए तलब करेगी। वहीं हादसे के दौरान साबरमती एक्सप्रेस पलटने की वजह तलाशने के लिए लखनऊ की फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है।
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था
साबरमती एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में पनकी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसकी विवेचना पनकी थाना प्रभारी कर रहे हैं। रविवार रात डीसीपी पश्चिमी राजेश कुमार सिंह ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जो विवेचक की विवेचना में मदद करेगी। सोमवार को एसआईटी ने जांच तेज कर दी।
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Sabarmati Express Derail - फोटो : amar ujala
क्राइम ब्रांच अपने स्तर पर कर रही है जांच
डीसीपी पश्चिम ने घटनास्थल की स्थानीय फोरेंसिक टीम जांच कर चुकी है। मौके पर मिली रेल पटरी का टुकड़ा व अन्य साक्ष्य रेलवे अफसरों को जांच के लिए सौंपे जा चुके हैं। अब लखनऊ की फोरेंसिक टीम को पत्र लिखा गया है, जिसमें जल्द ही सीन रिक्रिएट कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। क्राइम ब्रांच भी अपने स्तर से जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच के एक अफसर ने भी टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लिया है।

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Sabarmati Express Derail - फोटो : amar ujala
ट्रैक, व्हील और वैगन व कैरिज विभाग को जांच में किया शामिल
एसआईटी ने ट्रैक, व्हील और वैगन व कैरिज विभाग के लोगों से जांच शुरू कर दी है। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग और सीनियर लोको पॉयलट से इस बात की जानकारी की जा रही है कि कितनी दूरी से ब्रेक लगाया जाए, तो कितनी दूरी पर ब्रेक लगेगा।
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क्षतिग्रस्त बोगियों की रिपोर्ट भी मांगी
रेलवे ट्रैक पर मिले स्किडिंग साइन और क्षतिग्रस्त कोच के व्हील स्किडिंग रिपोर्ट भी मांगी गई है। घटनास्थल से टीम ने गिट्टी का पाउडर भी एकत्र किया गया है। पुलिस अधिकारियों की मानें ये हादसा था या आतंकी साजिश, यह जानने के लिए इन सारी चीजों की बहुत जरूरत है। जांच में लगे अधिकारियों ने उन क्षतिग्रस्त बोगियों की रिपोर्ट भी मांगी है।
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