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कानपुर एनकाउंटर: सीतापुर में पकड़ा गया विकास दुबे का करीबी डॉ. अनुपम, असलहे बरामद, लड़ चुके हैं चुनाव

Mon, 06 Jul 2020 12:11 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सीतापुर के मिश्रिख में पकड़ा गया विकास का करीबी डॉ. अनुपम दुबे - फोटो : amar ujala
कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित बिकरू गांव में गुरुवार रात कुख्यात अपराधी विकास दुबे व उसके साथियों द्वारा 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस उसकी तलाश में है। इसी क्रम में पुलिस ने सीतापुर के मिश्रिख में डॉ. अनुपम दुबे नामक शख्स को पकड़ा है।

 

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सीतापुर के मिश्रिख में डॉ. अनुपम दुबे पकड़े गए - फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है कि यह विकास दुबे को संरक्षण देता रहा है। पुलिस की जांच में पता चला है कि अनुपम दुबे फर्रूखाबाद का रहने वाला है और अभी लखनऊ में रहता था। पुलिस ने इसके साथ 11 अन्य लोगों को भी पकड़ा है। इनके पास से आठ लाइसेंसी रिवाल्वर व पिस्टल मिले हैं। 

 

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kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
जनपपद सीतापुर में पकड़े गए डॉ. अनुपम दुबे का जनपद में खासा दबदबा है। उनकी राजनीति में भी अच्छी पकड़ है। 2017 में उन्होंने सवायजपुर से बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ा था और दूसरे स्थान पर रहे थे। इससे पहले 2012 में उन्होंने फर्रुखाबाद सदर सीट से निर्दलीय चुनाव में किस्मत आजमाई थी। 

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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
उनके छोटे भाई मोहम्मदाबाद के ब्लाक प्रमुख हैं। उनके खिलाफ दर्ज अधिकांश अपराधिक मुकदमों में एफआर लग चुकी है। फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी डॉ. अनुपम दुबे एडवोकेट मूल रूप से मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव सहसपुर के निवासी हैं। उनका गांव में इंटर कालेज, लॉ कालेज और ईंट भट्ठा संचालित है।

 

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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
हत्या की घटनाओं में इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। इनके कई अन्य व्यवसाय भी हैं। राजनीति में पकड़ बनाने के लिए सबसे पहले डॉ. अनुपम दुबे ने वर्ष 2000 में नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। पर यह चुनाव हार गए थे।

 
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Kanpur encounter - फोटो : amar ujala
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012 में सदर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी ताकत का राजनीति में एहसास कराया था। पर इस चुनाव में भी इन्हें हार का सामना करना पड़ा था। डॉ. अनुपम दुबे ने वर्ष 2017 में पड़ोसी जनपद हरदोई की सवायजपुर विधानसभा सीट से बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था। यह चुनाव हारकर वह दूसरे स्थान पर रहे थे।

 
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नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी - फोटो : अमर उजाला
गांव में इनकी मां निर्विरोध प्रधान चुनी जाती रही हैं। वह इन दिनों भी ग्राम प्रधान हैं। इनके भाई ठेकेदारी का भी काम करते हैं। छोटा भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन मोहम्मदाबाद के ब्लाक प्रमुख है। इनके पिता स्व. महेश चंद्र दुबे वकील थे। उनकी जनपद के बड़े वकीलों में गिनती होती थी।
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