फतेहपुर जिले में दस्यु सरगना ददुआ का हाथी रविवार को आपा खो बैठा और कौशांबी से आते समय बेकाबू हो गया। महावत ने पेड़ की डाल में लटक कर किसी तरह से जान बचाई। पौने तीन घंटे उत्पात मचाने के बाद महावत ने अपने साथी की मदद से हाथी की बोली बोल कर उसे शांत कराया।
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मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच में एक बाइक, पांच बिजली के पोल और कई पेड़ हांथी ने तोड़ दिए। कौशांबी जिला के मुंगरी गांव कटरा से महावत बच्चा हाथी को लेकर धाता क्षेत्र के कबरहा पंचमुखी मंदिर आ रहा था। दोपहर एक बजे केटमई (कौशांबी-फतेहपुर बार्डर) गांव के पास बैरियर पर खड़े बाइक सवार की तरफ हाथी से सूंड़ बढ़ाई और बाइक सवार ने हाथी की सूंड़ पर हाथ फेर दिया।
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बेकाबू हुआ हाथी, मचाया तांडव
- फोटो : अमर उजाला
बस इतने में हाथी बेकाबू हो गया। आक्रोश में बाइक सवार को पकड़ने के लिए सूंड़ बढ़ाया तो युवक बाइक छोड़ कर भाग गया। इस पर हाथी ने बाइक को तोड़ डाला। महावत मुन्ना ने हाथी को शांत कराने की कोशिश की लेकिन हाथी का गुस्सा और बढ़ गया। वह महावत को अपनी पीठ से गिराने के लिए पेड़ की तरफ गया और महावत मुन्ना किसी तरह पेड़ की डाल पकड़ कर लटक गया।
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हाथी ने तोड़ा पेड़
- फोटो : अमर उजाला
फिर हाथी केटमई गांव के किसान गुलाब सिंह के ट्यूबेल की ओर गया और वहां पर 11 केवीए लाइन के पांच खंभे तोड़ डाले। आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और मजदूर दहशत में आ गए। किसान हाथी से बचने के लिए खेत से गांव की ओर भाग गए। तब ग्रामीणों ने एसडीओ खागा प्रहलाद सिंह को सूचना दी और वन विभाग रेंजर केपी यादव टीम के साथ पहुंचे।
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बेकाबू हुआ हाथी, मचाया तांडव
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ग्रामीणों की सूचना पर कस्बा निवासी एक महावत हारुन भी मौके पर पहुंच गया। तब दोनों महावतों ने हाथी की बोली बोल कर किसी तरह से उसे शांत कराया। 3.45 बजे हाथी शांत हुआ और जंगल के पेड़ से बांध दिया गया। बता दें कि वर्ष 2005 में दस्यु सरगना ददुआ ने धाता क्षेत्र के कबरहा गांव में पंचमुखी हनुमान मंदिर की स्थापना कराई थी। तभी एक हाथी के बच्चे को मंदिर के नाम दान किया था। ददुआ की मौत के बाद उनका पुत्र पूर्व विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष वीर सिंह हाथी को अपने पास चित्रकूट में रखते थे। तीन महीना पहले हाथी वीर सिंह के यहां भी बेकाबू हो गया था।
तब वीर सिंह ने महोबा जिला के रहने वाले महावत मुन्ना को हाथी के साथ कबरहा के मंदिर में भेज दिया था। वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह यादव ने बताया कि हाथी पूरी तरह से शांत हो गया है। हाथी को अभी जंगल में बांध के रखा गया है।