चुनाव क्या न कराए, वह कम है, एक समय था जब जनता जिन अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ खड़ी रहती थी, आज वही अधिकारी वोट के लिए जनता के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। फिर अधिकारी एक से दो हो जाए, वह भी आमने-सामने तो मामला और भी दिलचस्प हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों कैलिया जिला पंचायत सीट पर भी दिखाई दे रहा है।
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कैलिया स्थित पंचायत भवन
- फोटो : अमर उजाला
इस सीट से भाजपा ने जहां मुंबई के रिटायर्ड कस्टम कमिश्नर शंभू दयाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है तो वहीं कांग्रेस ने रविवार को ही पीसीएस सेवा से रिटायर्ड उर्मिला सोनकर को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों ही एक दूसरे के खिलाफ पूरी दमखम के साथ जनता से वोट मांगने के लिए क्षेत्र में पसीना भी बहा रहे हैं।
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जालौन पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि उरई करमेर रोड निवासी 85 बैच के आईआरएस अधिकारी शंभू दयाल मुंबई में कस्टम कमिश्नर के पद से 2011 में सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद अपने गृह जनपद वापस आकर शंभू भाजपा में शामिल हो गए थे। सन 2014 में शंभू दयाल सांसदी के टिकट के दावेदार थे।
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जालौन पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
अब पहली बार शंभू को कैलिया जिला पंचायत सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। शंभू दयाल का कहना है कि जनता की सेवा के लिए उन्हें काफी समय से एक मंच की तलाश थी, अब जाकर वह पूरी हुई है। वहीं, कांग्रेस ने भी शंभू के सामने रिटायर्ड पीसीएस अफसर उर्मिला सोनकर को मैदान में उतारा है।
बता दें कि उर्मिला पूर्व राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ कांग्रेसी बृजलाल खाबरी की पत्नी भी हैं। उर्मिला 2020 में सचिव अनुसूचित जनजाति आयोग के पद से सेवानिवृत्त हैं। उर्मिला कोंच में बतौर एसडीएम कार्यरत रही हैं। वे कानपुर में केडीए सचिव व झांसी में अपर आयुक्त के पद पर भी कार्यरत रही हैं। उर्मिला का कहना है कि उन्होंने पहले भी जनता की सेवा की है और एक बार फिर राजनैतिक क्षेत्र के माध्यम से जनता की सेवा करने का संकल्प लिया है।
एक नजर में कैलिया की स्थिति
कुल आबादी- लगभग 1 लाख
कुल मतदाता- करीब 52 हजार
प्रमुख समस्याएं- पानी, सड़क और खराब नलकूप